
Uttarakhand Govt : उत्तराखंड में कृषि पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही किसानों के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब राज्य के रेशम उत्पादकों के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य के रेशम उत्पादकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने एक नयी पहल का ऐलान किया है। उत्तराखंड ने "रेशम कीट बीमा" कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत राज्य के रेशम उत्पादकों को खास बीमा किया जाएगा।
बन गया देश का पहला राज्य
इसके साथ ही उत्तराखंड इस तरह की योजना शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है, जिसके तहत पहले फेज में चार जिलों के रेशम उत्पादकों का बीमा किया गया। इनमें देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल शामिल हैं। इन जिलों के पांच ब्लॉकों के 200 रेशम उत्पादकों का बीमा मिला है।

क्या होगा फायदा
इस बीमा के तहत रेशम उत्पादकों को जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी और ऐसे ही अन्य खतरों के प्रभाव से बचाया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसानों को नुकसान से बचाने के लिए इस बीमा प्रोजेक्ट की शुरुआत की गयी है। इसमें राज्य के चार जिलों के पांच विकास खंडों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। इस प्रोजेक्ट को पहले देहरादून में शुरू किया गया था। इसका मैनेजमेंट सरल कृषि बीमा करेगी।

रेशम उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा
अपने नये कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड सरकार का प्रयास यहां रेशम के उत्पादन को बढ़ावा देना है। असल में राज्य में 12,000 से अधिक परिवार ऐसे हैं, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रेशम उत्पादन से जुड़े हुए हैं। वहीं 6,000 ऐसे लोग सालाना लगभग 300 मीट्रिक टन रेशम फ़ाइब्राइन का उत्पादन कर रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार को इन लोगों और रेशम उत्पादन दोनों पर ध्यान देना था। इसी के मद्देनजर ये नया प्रोग्राम पेश किया गया है।



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