कमाल : बेरोजगारों को हर महीने मिलेंगे 88 हजार रु, जानिए कहां

नयी दिल्ली। कोरोना ने दुनिया भर की इकोनॉमी को बुरी तरह प्रभावित किया। इसी के मद्देनजर कई देशों ने आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया। भारत ने भी आत्मनिर्भर भारत राहत पैकेज का ऐलान किया था। इसी बीच अमेरिका ने एक बहुत बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। अमेरिकी सांसदों ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए 900 अरब डॉलर के राहत पैकेज को मंजूरी दे दी, जिससे कोरोनवायरस वायरस महामारी से पीड़ित लाखों अमेरिकियों और कारोबारों को बूस्ट मिलेगा। इस पैकेज की जरूरत काफी समय से बताई जा रही थी। अमेरिका के राहत में कारोबारों के साथ-साथ बेरोजगारों का भी खास ध्यान रखा गया है। पैकेज के बेरोजगारों को हर महीने अच्छी खासी रकम मिलेगी।

बेरोजगारों को हर महीने मिलेंगे 88 हजार रु

बेरोजगारों को हर महीने मिलेंगे 88 हजार रु

अमेरिकी सासंदों ने 900 अरब डॉलर यानी करीब 663 लाख करोड़ रु के आर्थिक राहत पैकेज को मंजूरी दी है। इस पैकेज में बेरोजगारों को हर महीने 1200 डॉलर यानी लगभग 88 हजार रु दिए जाएंगे। महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार बेरोजगारों को हर हफ्ते 300 डॉलर मिलेंगे। माना जा रहा है कि सरकार का मकसद लोगों की खरीदारी की शक्ति (क्रयशक्ति) बढ़ाने का है, जिससे बाजार में तेजी आ सकती है।

जरूरतमंदों को मिलेंगे 600 डॉलर

जरूरतमंदों को मिलेंगे 600 डॉलर

एक तरफ हर हफ्ते बेरोजगारों को 300 डॉलर मिलेंगे। वहीं जरूरतमंदों को इसके दोगुने यानी 600 डॉलर मिलेंगे। 900 अरब डॉलर के इस राहत महापैकेज से अमेरिकी सरकार बेरोजगारों के अलावा जरूरतमंद नागरिकों, छोटे कारोबारियों, स्कूल और हेल्थकेयर सर्विस देने वालों की मदद करेगी। बीते शनिवार और रविवार को इस पैकेज पर अमेरिकी संसद में चर्चा हुई, जबकि सोमवार को इसे पास कर दिया गया।

छोटे कारोबारों पर विशेष ध्यान

छोटे कारोबारों पर विशेष ध्यान

इस पैकेज में छोटे कारोबारों पर विशेष ध्यान दिया गया है। छोटे व्यवसायों को ज्यादा सरकारी अनुदान से लाभ होगा, जबकि पैकेज में किराया सहायता भी शामिल है। इससे उन परिवारों को मदद मिलेगी जिन्हें घर से निकाले जाने का डर है। डेमोक्रेटिक हाउस की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के मुताबिक जैसा कि राष्ट्रपति चुने गए जो बिडेन ने कहा है यह पहला कदम है और हमें और अधिक करने की आवश्यकता होगी। वायरस को खत्म करने के लिए और सहायता चाहिए होगी। साथ ही वैक्सीन के टीकों को खरीदने के लिए अधिक पैसा चाहिए होगा।

अमेरिका में कोरोना से हालत खराब

अमेरिका में कोरोना से हालत खराब

अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े कोरोनोवायरस प्रकोप का सामना कर रहा है। वायरस के बढ़ते मामलों के चलते एक अस्थायी आर्थिक रिवकरी का डर है। अमेरिका में मरने वालों की संख्या 319,000 से ऊपर है। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि खुदरा बिक्री सुस्त है। वहीं बेरोजगारी बेनेफिट लेने वालों की नए आवेदनों में पिछले पांच हफ्तों में से चार में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जबकि इसमें पिछले कई महीनों से गिरावट आ रही थी।

बिडेन 20 जनवरी को लेंगे शपथ

बिडेन 20 जनवरी को लेंगे शपथ

20 जनवरी को शपथ लेने वाले बिडेन ने इस डील का स्वागत किया है, लेकिन कहा कि "संघर्षरत परिवारों को सहायता, और नौकरियों और आर्थिक सुधारों में निवेश" करने के लिए और अधिक कदम उठाए जाएंगे। पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा (275 अरब डॉलर) बिजनेस के लिए है।

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