Trump tariff: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े टैरिफ को लेकर कानूनी चुनौतियों पर कोई फैसला नहीं सुनाया। इसपर दुनिया भर के निवेशकों की नजर टिकी हुई थी। भारत में, हाल के सेशन में शेयर बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है, बेंचमार्क इंडेक्स में संभावित अमेरिकी टैरिफ एक्शन, विदेशी फंड के लगातार आउटफ्लो और भारत-अमेरिका व्यापार बातचीत में कमी की चिंताओं के बीच नुकसान बढ़ रहा है।

अब 14 जनवरी को होगी सुनवाई
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट 14 जनवरी को अपने अगले फैसले सुनाने वाला है, जिसमें कई अहम मामले अभी भी पेंडिंग हैं, जिनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े ग्लोबल टैरिफ को कानूनी चुनौती भी शामिल है। लेटेस्ट अपडेट के लिए बने रहें।फैसले में देरी से अनिश्चितता बनी रही, खासकर उन बाजारों के लिए जो अमेरिकी व्यापार नीति के संकेतों के प्रति संवेदनशील रहे हैं। भारतीय एक्सपोर्ट पर असर डालने वाले टैरिफ के संभावित नतीजों को देखते हुए निवेशकों का ध्यान सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चला गया था।
क्या है मामला?
मामला यह है कि ट्रंप ने 1977 के इमरजेंसी पावर कानून का इस्तेमाल करके ज्यादातर इंपोर्ट पर 10-50% टैरिफ लगाया था, जिसमें चीन, कनाडा और मैक्सिको से आने वाले सामान पर अतिरिक्त ड्यूटी और भारत जैसे पार्टनर देशों के साथ व्यापार पर असर डालने वाले ऊंचे टैक्स शामिल हैं। प्रशासन ने इन कदमों को व्यापार असंतुलन से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं, जिसमें फेंटानिल की तस्करी भी शामिल है, के आधार पर सही ठहराया है। निचली अदालतों ने फैसला सुनाया है कि ट्रंप ने कानून के तहत अपनी अथॉरिटी का उल्लंघन किया है, जिसके बाद अब यह अपील टॉप कोर्ट के सामने है।
भारतीय शेयर बाजार पर असर?
भारत में, टैरिफ की अनिश्चितता के साथ-साथ इक्विटी में भी तेजी से गिरावट आई है। पिछले हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी लगातार पांचवें सेशन में गिरे और तीन महीने से ज्यादा समय में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की। पिछले पांच सेशन में बेंचमार्क लगभग 2.5% गिरे हैं, जबकि इसी दौरान BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 15 लाख करोड़ रुपये कम हो गया है।
बाजार के जानकारों ने एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर को खास तौर पर कमजोर बताया है, यह देखते हुए कि ट्रंप के नई दिल्ली की रूसी कच्चे तेल की लगातार खरीद का हवाला देने के बाद भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% कर दिया गया था।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


Click it and Unblock the Notifications