Donald Trump Warning: टैरिफ को लेकर पूरी दुनिया में मचे उथल-पुथल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर से पूरी दुनिया को चेतावनी दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ कारोबार करने वाले देशों के खिलाफ सख्त प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।

उन्होंने रविवार को पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान को भी जल्द ही ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
ट्रंप ने बताया कि उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सांसद मॉस्को से कारोबारी संबंध रखने वाले देशों पर पाबंदी लगाने के लिए कानून बना रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा, "रूस के साथ कारोबार करने वाले किसी भी देश पर बहुत कठोर प्रतिबंध लगाए जाएंगे।" ट्रंप ने इसमें ईरान को भी शामिल करने का सुझाव दिया है।
हाल ही में ट्रंप ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों, रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों के तहत, अमेरिका में इन दोनों कंपनियों की सभी संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा, अमेरिकी नागरिकों को इन कंपनियों के साथ किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन करने से भी रोक दिया गया है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने से किया इनकार
दूसरी ओर, अमेरिका के बढ़ते दबाव के बावजूद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने से इनकार कर रहे हैं। पिछले महीने पुतिन ने कहा था, "कोई भी स्वाभिमानी देश और कोई भी स्वाभिमानी व्यक्ति दबाव में आकर कोई भी फैसला नहीं लेता।"
पुतिन ने चेतावनी भी दी थी कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिसका नकारात्मक प्रभाव स्वयं वाशिंगटन पर पड़ेगा। इससे पहले भी ट्रंप रूस से व्यापार करने वाले देशों पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं।
नया कानून के लिए अमेरिकी सदन में बिल पेश
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% का भारी शुल्क लगाया है, जो विश्व में सबसे अधिक टैरिफ दरों में से एक है। इस शुल्क में रूस से ऊर्जा आयात पर लगाया गया 25% का अतिरिक्त कर भी शामिल है। इस बीच, सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने रूसी तेल के द्वितीयक खरीद-बिक्री पर 500% टैरिफ लगाने का एक विधेयक पेश किया है। इस प्रस्ताव को सीनेट की विदेश संबंध समिति में लगभग सर्वसम्मति से समर्थन मिला है, जो इसकी गंभीरता को दर्शाता है।
ग्राहम और सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मिलकर "सैंक्शनिंग रूस एक्ट 2025" नामक कानून पेश किया है। इसका मुख्य लक्ष्य उन देशों पर माध्यमिक टैरिफ और प्रतिबंध लगाना है, जो यूक्रेन में व्लादिमीर पुतिन के "बर्बर युद्ध" का समर्थन कर रहे हैं। इस प्रस्तावित कानून को सीनेट में 85 सह-प्रस्तावक मिले हैं।
जुलाई में जारी एक संयुक्त बयान में ग्राहम और ब्लूमेंथल ने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए एक मजबूत नई रणनीति अपनाई है।" उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, इस संघर्ष को खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका उन देशों, जैसे चीन, भारत और ब्राजील पर टैरिफ लगाना होगा। ये देश सस्ते रूसी तेल और गैस खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को लगातार ईंधन दे रहे हैं।"
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