Defence stocks: ईरान पर अमेरिका का हमला, इजराइल को मिला साथ, अब डिफेंस शेयरों में दिखेगी हलचल?

Defence stocks: रविवार की सुबह एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना ने दुनियाभर के शेयर बाज़ारों का रुख बदल सकता है। अमेरिका ने ईरान के तीन बड़े परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। इसके बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि भारत के रक्षा क्षेत्र (डिफेंस सेक्टर) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

Defence Stocks  Israel Iran Conflict

क्यों चर्चा में हैं डिफेंस शेयर?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब इजराइल और अमेरिका एक साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा माहौल पर पड़ा है। इसी के चलते दुनिया भर के निवेशकों की नजर अब उन कंपनियों पर जा रही है, जो रक्षा उपकरण, तकनीक और संसाधन तैयार करती हैं।

भारतीय निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि आने वाले समय में रक्षा से जुड़ी कंपनियों को और ऑर्डर मिल सकते हैं, जिससे उनकी कमाई बढ़ सकती है और शेयरों की कीमतों में तेजी देखी जा सकती है।

किन भारतीय कंपनियों पर रहेगी नजर?

भारत में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कई बड़ी कंपनियां एक्टिव हैं। इनमें प्रमुख हैं:

पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)

डीसीएक्स सिस्टम्स

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स

कोचीन शिपयार्ड

सोलर इंडस्ट्रीज

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स

इन कंपनियों ने बीते सालों में रक्षा मंत्रालय से कई प्रोजेक्ट जीते हैं और अब इनके शेयरों पर खास नजर बनी हुई है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा यकीन

हाल ही में भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' में इस्तेमाल किए गए स्वदेशी हथियारों, ड्रोन और लड़ाकू विमानों ने डिफेंस सेक्टर की ताकत को दिखाया है। इस ऑपरेशन की सफलता के बाद से घरेलू कंपनियों के प्रोडक्ट्स पर भरोसा बढ़ा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत सरकार घरेलू रक्षा प्रोडक्शन को आगे बढ़ा रही है। इसके चलते रक्षा कंपनियों के शेयर पहले से ही चर्चा में हैं और अब अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच फिर से इनका फोकस बढ़ गया है।

अमेरिका की बड़ी कार्रवाई

रविवार सुबह अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फोर्दो, इस्फहान और नतांज पर हमला कर दिया। इस पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान जारी करते हुए कहा कि अगर ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो और भी बड़े कदम उठाए जाएंगे।

इजराइल ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में सुरक्षा खर्च और सैन्य तैयारी को लेकर दुनिया भर में तेजी आएगी।

निवेशकों के लिए क्या है मतलब?

इस तरह के घटनाक्रम से उन सेक्टरों में तेजी देखने को मिलती है जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होते हैं। डिफेंस सेक्टर भी उन्हीं में से एक है। जब भी सुरक्षा संकट बढ़ता है, सरकारें अपने रक्षा बजट को बढ़ाती हैं। इससे कंपनियों को नए प्रोजेक्ट्स मिलते हैं, जो उनके रिवेन्यू और शेयर कीमतों को ऊपर ले जाते हैं।

हालांकि, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि इमोशनल फैसले से बचें। किसी भी डिफेंस स्टॉक में निवेश करने से पहले कंपनी की ऑर्डर बुक, पिछला प्रदर्शन और फाइनेंशियल स्थिति ज़रूर देखें।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने तनावपूर्ण हालात ने भारत के डिफेंस शेयरों को फिर से चर्चा में ला दिया है। अगर आप निवेश के नए मौके तलाश रहे हैं, तो डिफेंस सेक्टर एक बार फिर रडार पर आ चुका है। लेकिन हर कदम सोच-समझकर और रिसर्च के साथ ही उठाना बेहतर रहेगा।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. यह ब्रोकरेज की ओर से सलाह दी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)

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