US FED Policy Meet: अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने दिसंबर पॉलिसी मीटिंग में लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती की है. अनुमान के मुताबिक दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की गई. यह फैसला फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मीटिंग में ली गई. नतीजतन, ब्याज दर अब 4.5%-4.75% से घटकर 4.25% से 4.5% हो गई है. इससे पहले सितंबर 2024 में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की गई थी, जोकि चार सालों में पहली कटौती रही.
दरें घटने का बाजार पर असर
ब्याज दर कटौती के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. डाओ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक जैसे प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहे थे.ब्याज दरों में इस कटौती से ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे मोर्टाज, ऑटो लोन समेत क्रेडिट कार्ड पर लोन इंट्रेस्ट कम होने की उम्मीद है.
भारतीय शेयर बाजार में 3 दिनों से गिरावट
भारत के शेयर बाजार में पिछले तीन कारोबारी सेशन से गिरावट जारी है, सोमवार से सेंसेक्स में करीब 2000 अंकों की गिरावट आई है. अमेरिकी फेड की नीति घोषणा से पहले तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली की वजह से निवेशक सतर्क हो गए हैं. मनी कंट्रोल के मुताबिक एनएसई निफ्टी नवंबर के आखिर में अपने निचले स्तर से 6.1% चढ़ा था, लेकिन शुक्रवार के बंद होने के बाद से अब इसमें 2.5% की गिरावट आई है.

महंगाई का ट्रेंड और फेड का रुख
अमेरिका में अक्टूबर के दौरान महंगाई दर में गिरावट आई और यह 2.3% पर आ गई, जो 2022 में 7.2% के अपने हाई से बहुत कम है. यह चार दशकों में सबसे अधिक है, जिसकी वजह से तब ब्याज दरें ऊंची हो गई थीं. अब महंगाई कंट्रोल में है, इसलिए कई फेड ऑफिशियल्स का मानना है कि हाई रेट्स को बनाए रखना जरूरी नहीं.
आईबीआई भी घटाएगा दरें
फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती भारत के आरबीआई के फैसलों पर भी असर डाल सकती है. हालांकि आरबीआई ने दिसंबर की शुरुआत तक लगातार ग्यारह बार अपनी रेपो दर को 6.5% पर बनाए रखा. लेकिन एनलिस्ट्स मान रहे हैं कि अगर दिसंबर और जनवरी के दौरान रिटेल महंगाई कम होती है तो फरवरी में ब्याज दरों में संभावित कटौती हो सकती है.
आरबीआई ने कहा है कि वह दरों में कोई भी बदलाव करने से पहले रिटेल महंगाई के आंकड़ों पर फोकस करेगी.ऐसे में अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले साल कम से कम 25 आधार अंकों की कमी हो सकती है.


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