US Fed Meeting Today: दुनियाभर के मार्केट का फोकस आज 18 सितंबर को अमेरिकी सेंट्रल बैंक पर है. 2 दिन होने वाली FOMC मीटिंग देर रात खत्म होगी, जिसमें ब्याज दरों पर फैसला होने वाला है. ज्यादा एनलिस्ट्स को उम्मीद है कि दरें 25 से 50 बेसिस पॉइंट्स घट सकती हैं. ब्याज दरों में जुलाई 2023 के बाद से अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है. लेकिन सितंबर पॉलिसी मीटिंग को लेकर अनुमान जताया जा रहा है कि दरों में कटौती हो सकती है. क्योंकि महंगाई, जॉब डेटा समेत अन्य फैक्टर्स से फेडरल रिजर्व के लिए दरें घटाने की राह आसान हो रही है.
काबू में आ रही महंगाई
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए दरों में कटौती का सबसे बड़ा ट्रिगर महंगाई रही है, जोकि अब धीमे-धीमे कम हो रही है. महंगाई दर जून 2022 में 9.1% पर थी, जोकि अगस्त 2024 में घटकर 2.5% आ गई. हालांकि, महंगाई को लेकर अभी भी जितनी राहत की उम्मीद रही उतनी कम नहीं हुई है. क्योंकि अगस्त 2024 में सालाना आधार पर यह 3.2% बढ़ी है, जिसमें एनर्जी और फूड कॉस्ट शामिल नहीं है.
कुल महंगाई में 40 फीसदी के लिए जिम्मेदार शेल्टर की कीमतें हैं, जिसमें रेंटल और हाउसिंग कॉस्ट शामिल है. शेल्टर की कीमतें 2022 के मिड से ओवरऑल कोर महंगाई से भी ज्यादा बढ़ रही हैं. इसे कंट्रोल करना सेंट्रल बैंक की प्राथमिकता है. इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि बढ़ी हुई शेल्टर की कीमतें फेड को केवल 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती करने की छूट दे रहे ही है.

नई नौकरियों का आंकड़ा
अमेरिका में जॉब ओपनिंग्स का डेटा, बेरोजगारी दर से जुड़ा हुआ है. इस लिहाज से ज्यादा जॉब ओपनिंग्स इकोनॉमिक ग्रोथ को दर्शाती है. इसके उलट नई नौकरियों में गिरावट का मतलब लेबर मार्केट के कमजोर हालात को दर्शाता है. जनवरी 2021 के बाद पहली बार जॉब ओपनिंग्स जुलाई में अपने निचले स्तर पर आ गई. वहीं, अगस्त में अमेरिकी इकोनॉमी में जॉब ओपनिंग्स का आंकड़ा अनुमान से काफी कम रहा, जोकि 142,000 रही. आईं, जो अनुमान से काफी कम मानी जा रही है.
ऐसे में इकोनॉमिस्ट्स अनुमान लगा रहे हैं कि फेड 50 बेसिस पॉइंट्स तक की कटौती कर सकता है. क्योंकि फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल नहीं चाहेंगे कि लेबर मार्केट की स्थितियां और खराब नहीं हो. दरअसल, ब्याज दरों में कटौती को 2025 में संभावित मंदी को टालने के उपाय के रूप में देखा जाएगा.
बेरोजगारी दर ने बढ़ाई टेंशन
अमेरिका में अगस्त के दौरान बेरोजगारी दर 4.2% रही, जोकि जुलाई में 4.3% थी. हालांकि, अगस्त का आंकड़ा अप्रैल 2023 में 3.4% के मुकाबले कहीं ज्यादा है. ऐसे में फेड के लिए बढ़ती बेरोजगारी दर बड़ी टेंशन है. क्योंकि महंगाई को 2% के करीब लाने मात्र से राहत नहीं मिलने वाली. फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की हाल की कमेंट्री में यह संकेत मिला कि फेड महंगाई के मुकाबले लेबर मार्केट पर ज्यादा फोकस करना चाहता है.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कमजोर ग्रोथ
अमेरिकी के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कमजोर ग्रोथ भी फेड के लिए दरों में कटौती करने के लिए अहम फैक्टर्स में से एक है. क्योंकि सेक्टर में पिछले 12 महीनों में 11वीं बार गिरावट दर्ज की गई है. यह कुल उत्पादन और मांग में गिरावट को दर्शाता है. ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI अगस्त में 47.2 पर था. बता दें कि PMI का 50 से नीचे फिसले का मतलब बै कि सेक्टर में गिरावट आ रही है. जबकि यह सेक्टर इकोनॉमी का 10.3% है.
मंदी का सबसे प्रमुख इंडिकेटर क्या दर्शा रहा?
अमेरिका में मंदी के सबसे प्रमुख इंडिकेटर्स में से एक यील्ड कर्व भी रहा है. यील्ड कर्व, 10-ईयर यील्ड और 2-ईयर यील्ड के बीच का अंतर है. 2-ईयर यील्ड जब 10-ईयर यील्ड से ज्यादा होती है, तब यह बताता है कि लोग निकट भविष्य में आर्थिक मंदी के रिस्क की वजह से अमेरिकी ट्रेजरी बिलों से ज्यादा भुगतान चाहते हैं. इसी स्थिति को 'इनवर्टेड यील्ड कर्व' कहते हैं.
हालांकि, सितंबर की शुरुआत में यील्ड कर्व आखिरकार 'अन-इनवर्टेड' हो गया, जो इकोनॉमी के लिए अच्छी खबर है. लेकिन टेंशन खत्म नहीं हुई है. क्योंकि यह देखते हुए कि 2 सालों तक यील्ड उल्टा रहा, जबकि इकोनॉमी लचीली बनी रही कई एनलिस्ट्स का मानना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 2001 या 2007 जैसी मंदी आ सकती है. उस दौरान भी यील्ड कर्व 'अन-इनवर्टेड' था. ऐसे में मंदी की ज्यादा संभावना को देखते हुए US FED को आने वाले कुछ महीनों में बड़ी और ज्यादा से ज्यादा कटौती करने के लिए मजबूर कर सकती है.


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