महाराष्ट्र कैबिनेट ने केंद्र सरकार की यूनिफाइड पेंशन स्कीम(UPS) को मंजूरी दे दी है. मोदी सरकार के ऐलान के 24 घंटे के भीतर ऐसा करने वाला यह पहला राज्य बन गया है. यह फैसला कर्मचारी यूनियनों की ओर से राज्यों से नई स्वीकृत योजना को लागू करने की मांग के बाद लिया गया है, जोकि 1 अप्रैल, 2025 से लागू होगी. बता दें कि महाराष्ट्र में 13.5 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी हैं.
टीवी सोमनाथन ने शनिवार को कहा कि केंद्र के UPS टेम्पलेट को राज्य भी अपना सकते हैं. टीवी सोमनाथन कैबिनेट सचिव बनने वाले हैं और NPS की समीक्षा करने वाले पैनल के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने कहा कि NPS के तहत आने वाले 99 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों को UPS में शिफ्ट होना फायदेमंद लगेगा. अगर राज्य सरकारें भी इस योजना को अपनाती हैं, तो UPS के तहत लाभार्थियों की संख्या 9 मिलियन तक बढ़ सकती है.
UPS, सरकार की नई पेंशन स्कीम
केंद्र सरकार ने 24 अगस्त को यूनिफाइड पेंशनल स्कीम यानी UPS को मंजूरी दी, जिसका लक्ष्य 23 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को लाभ पहुंचाना है. यह स्कीम राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत 1 जनवरी, 2004 के बाद सर्विस में शामिल होने वालों के लिए बेसिक सैलरी का 50 फीसदी पेंशन की गारंटी देती है. नई योजना में न्यूनतम 10,000 रुपए प्रति माह पेंशन की पेशकश की जाएगी और इसे मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया जाएगा.
विपक्षी दल पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, जिसे 2004 में NPS से रिप्लेस किया गया था. NPS में कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों की ओर से निर्धारित अंशदान शामिल है, जिसमें निधियों को चुनिंदा पोर्टफोलियो में निवेश किया जाता है. NPS के तहत पेंशन राशि निवेश रिटर्न के आधार पर भिन्न होती है. इसके उलट UPS एक निश्चित पेंशन राशि प्रदान करता है.

शैक्षणिक संस्थानों पर प्रभाव
सरकार का यह फैसला मान्यता प्राप्त और अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थानों, गैर-कृषि विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध सहायता प्राप्त गैर-सरकारी महाविद्यालयों, कृषि विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों के साथ-साथ जिला परिषद कर्मचारियों पर भी लागू होगाय इस कदम से इन क्षेत्रों को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है. राज्य सरकार की यह मंजूरी कर्मचारी यूनियनों द्वारा राज्यों से मोदी सरकार द्वारा स्वीकृत नई योजना को लागू करने की मांग के कुछ ही घंटों बाद आई है.
महाराष्ट्र का UPS को अपनाना अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल कायम करता है, जो इसी तरह के कदम उठाने की फिलहाल सोच रहे हैं. इस स्कीम को जैसे-जैसे ज्यादा से ज्यादा राज्य अपनाएंगे, इससे पूरे भारत में पेंशन सिस्टम्स में व्यापक बदलाव आ सकते हैं.
यह डेवलपमेंट भारत में सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन के मैनेजमेंट के तरीके में एक अहम बदलाव को दर्शाता है. गारंटीकृत पेंशन और इनफ्लेसनल एडजस्टेड के साथ UPS का लक्ष्य NPS की तुलना में अधिक स्थिरता प्रदान करना है.


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