UPI Payment: शुरुआती दौर में डिजिटल ट्रांजेक्शन को जितना मुश्किल माना जा रहा था, आज या उतना ही ज्यादा आसान बना चुका है। अब लोग कैश ले जाने के बजाय अपना मोबाइल फोन लेकर जाते हैं और मार्केट से पूरी खरीदारी कर लेते हैं। भारत में डिजिटल ट्रांजेक्शन का जबरदस्त ट्रेंड देखने को मिल रहा है, रिपोर्ट के मुताबिक भारत में यूपीआई पेमेंट का आंकड़ा 100 अरब रुपए के पार पहुंच चुका है।
अब एक करोड़पति व्यक्ति से लेकर सड़क के किनारे पर सब्जी और फल के ठेले लगाने वाले तक सभी लोगों के द्वारा यूपीआई ट्रांजैक्शन किया जा रहा है। डिजिटल ट्रांजेक्शन ने हर तबके के लिए चीजों को काफी आसान बना दिया है।

अब आपको कहीं बाहर जाते समय ज्यादा कैश रखने की जरूरत नहीं होती है और इसलिए रास्ते से पैसा चोरी होने या खोने का कोई खतरा नहीं होता है। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का हमेशा आपके पास रिकॉर्ड होता है, जो की कैश में नहीं हो पता है। अगर आपने किसी को डिजिटल ट्रांजेक्शन किया है तो इसकी जानकारी आपके पास और उसे व्यक्ति के पास भी होती है।
भारत में कई दिग्गज देशों को छोड़ा पीछे
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि यूपीआई ट्रांजैक्शन के मामले में भारत का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। वही 100 अरब रुपए का आंकड़ा पार करने के बाद कई बड़े देशों को भी यूपीआई ट्रांजैक्शन के मामले में पीछे छोड़ दिया है। डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए तो और भी कई विकल्प है लेकिन इनमें सबसे ज्यादा इस्तेमाल यूपीआई का हो रहा है।
जानें कितना बड़ा यूपीआई पेमेंट का आंकाड़ा
यूपीआई ट्रांजैक्शन की तो इसमें करीब 56 प्रतिशत तक की ग्रोथ देखने को मिली है। वहीं अगर प्राइस के हिसाब से देखें तो इसमें 43 प्रतिशत तक की ग्रोथ दर्ज की गई है।
अगर बात करें फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की तो पहली बार यूपीआई ट्रांजैक्शन 131 अरब रुपए तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2024 में ऐसा पहली बार हुआ है जब यूपीआई ट्रांजैक्शन सो अब रुपए के पार गया है। वही 2023 के फाइनेंशियल ईयर में यूपीआई के जरिए किया गया कल पेमेंट ट्रांजैक्शन 84 अरब रुपए का था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 साल के दूसरे 6 महीने में यूपीआई ट्रांजैक्शन में करीब 56 फ़ीसदी की तेजी दर्ज की गई है।
फिलहाल डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है। यूपीआई ट्रांजैक्शन काफी ज्यादा आसान और सुरक्षित होते हैं साथ ही इसमें पैसा फसने का चांस भी बहुत कम होता है, यही कारण है कि लोगों के द्वारा अब यूपीआई ट्रांजैक्शन पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कियाजा रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बताते चले कि साल 2023 के दौरान जुलाई से लेकर दिसंबर तक के टाइम पीरियड में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शन 65.77 बिलियन रुपए का रहा था। जो की 1 साल पहले साल 2022 के इसी टाइम पीरियड में42.009 बिलियन रुपए का था।
बढ़ोतरी की बावजूद घटी है औसत टिकट साइज
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूपीआई ट्रांजैक्शन में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है लेकिन फिर भी इसकी एवरेस्ट टिकट साइज में आठ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। पहले या एवरेज टिकट साइज 1,648 रुपए की थी, जो अब घटकर 1,515 रुपए रह गई है।
एवरेज टिकट साइज घटने से साफ पता चलता है कि लोग अब ज्यादातर छोटे ट्रांजैक्शन के लिए भी यूपीआई पेमेंट का सहारा लेने लगे हैं।


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