देश अब डिजिटलाइजेशन की तरफ बढ़ रहा है. इस डिजिटलाइजेशन में यूपीआई (UPI) की अहम भूमिका है. यूपीआई के जरिए आप आसानी से पैसों का लेनदेन कर सकते हैं. यूपीआई अब लेनदेन का पॉपुलर माध्यम बन गया है. जुलाई के महीने में यूपीआई ने इतिहास रच दिया है.

आज लेन देन में हर कोई यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल करता है. यूपीआई ट्रांजैक्शन ने तीसरी बार रिकार्ड तोड़ा है. दरअसल पिछले महीने यानी जुलाई में यूपीआई के जरिए 1,444 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ हैं. यह लगतार तीसरी बार है, जब यूपीआई ने करोड़ों रुपये की ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड बनाया है.
एनपीसीआई (NPCI) ने क्या कहा ?
NPCI यानी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया. एनपीसीआई ने हाल ही में यूपीआई के जरिए हुए ट्रांजैक्शन में लेने देने से जुड़ा आंकड़ा शेयर किया है. इन आंकड़ों के अनुसार जून में यूपीआई से 20.07 लाख करोड़ रुपये की ट्रांजैक्शन हुई है.
वहीं मई भी यूपीआई से लोगों ने 20.44 लाख करोड़ रुपये का लेन देन किया था. अब जुलाई के महीने में यह लगातार तीसरी बार है, जब यूपीआई के जरिए लेनदेन 20 लाख करोड़ रुपये को पार जा चुका है.
यह भी पता चला है कि पिछले साल के मुकाबले यूपीआई ट्रांजैक्शन संख्या में 45 फीसदी की बढ़त हुई है.
क्या है UPI?
यूपीआई को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस भी कहा जाता है. देश में यूपीआई, NPCI द्वारा नियंत्रित किया जाता है. यह एक वर्चुअल पेमेंट सर्विस प्लेटफॉर्म है. यूपीआई में आपका बैंक खाता पहले से लिंक होता है. इसलिए अगर आपको पैसों को लेन देन करना है, तो इसमें अमाउंट और यूपीआई पीन दर्ज करते हैं. इसमें पेमेंट के लिए किसी प्रकार की बैंक अकाउंट नंबर की जरूरत नहीं पड़ती. आज देश में ज्यादातर लोग अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं. आपको छोटी से छोटी दुकान में भी यूपीआई क्यूआर कोड देखने को मिल जाएगा. आज हर कोई ऑनलाइन शॉपिंग में भी क्रेडिट और डेबिट कार्ड के बजाय यूपीआई के जरिए पेमेंट करना पसंद कर रहे हैं.


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