UPI Rules Change 3rd November: भारत में डिजिटल पेमेंट की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस)। अब यही यूपीआई एक और अहम बदलाव के दौर से गुजरने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 3 नवंबर से कुछ नए नियम लागू करने की घोषणा की है। इन बदलावों का मकसद है यूपीआई ट्रांजेक्शन को पहले से ज्यादा तेज, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना।

अब बदल जाएगा ट्रांजेक्शन सेटलमेंट सिस्टम
अब तक यूपीआई सिस्टम में हर दिन 10 सेटलमेंट साइकल चलते थे, जिनमें सभी तरह के ट्रांजेक्शन चाहे वे सही (Authorized) हों या विवादित (Disputed) एक साथ प्रोसेस किए जाते थे। इससे कई बार ट्रांजेक्शन में देरी और क्लियरिंग में गड़बड़ी हो जाती थी।
लेकिन अब एनपीसीआई ने नया सिस्टम लागू किया है, जिसमें दोनों ट्रांजेक्शन कैटेगरी को अलग-अलग साइकल में बांटा गया है। यानी अब सामान्य ट्रांजेक्शन और विवाद वाले ट्रांजेक्शन अलग-अलग समय पर निपटाए जाएंगे। इससे ट्रांजेक्शन सेटलमेंट की प्रक्रिया तेज और ज्यादा सटीक हो जाएगी।
नए सेटलमेंट साइकल की पूरी टाइमिंग
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, नए नियम के तहत पहले 10 साइकल केवल ऑथराइज्ड ट्रांजेक्शन के लिए होंगे। इनमें कोई विवादित केस नहीं जोड़ा जाएगा।
समय इस प्रकार होगा :
पहला साइकल: रात 9 बजे से 12 बजे तक
दूसरा: 12 से 5 बजे सुबह
तीसरा: 5 से 7 बजे
चौथा: 7 से 9 बजे
पांचवां: 9 से 11 बजे सुबह
छठा: 11 से 1 बजे दोपहर
सातवां: 1 से 3 बजे
आठवां: 3 से 5 बजे
नौवां: 5 से 7 बजे शाम
दसवां: 7 से 9 बजे रात
वहीं, विवाद वाले ट्रांजेक्शन के लिए दो अलग साइकल तय किए गए हैं -
DC1: रात 12 बजे से दोपहर 4 बजे तक
DC2: दोपहर 4 बजे से रात 12 बजे तक
अब केवल विवादित ट्रांजेक्शन इन्हीं साइकल में प्रोसेस किए जाएंगे।
क्या मिलेगा इस बदलाव से फायदा
फिनटेक सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अधिक भरोसेमंद और कुशल बनाएगा। अब ट्रांजेक्शन क्लियरिंग में देरी नहीं होगी और ग्राहकों को तेजी से रिफंड या अपडेट मिल सकेगा।
बैंकों और यूपीआई ऐप्स के लिए भी यह सिस्टम राहत भरा रहेगा क्योंकि अब उन्हें सामान्य और विवाद वाले मामलों को अलग-अलग संभालने में सुविधा मिलेगी। इससे वे नए प्रोडक्ट्स जैसे क्रेडिट ऑन यूपीआई, ईएमआई ऑप्शन, और बाय नाउ पे लेटर (BNPL) जैसी सर्विसेज को और प्रभावी तरीके से चला पाएंगे।
डिजिटल इंडिया के मिशन को मिलेगी मजबूती
भारत में हर महीने अरबों की संख्या में यूपीआई ट्रांजेक्शन होते हैं। ऐसे में एनपीसीआई का यह कदम देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेगा। इससे न केवल यूजर्स का भरोसा बढ़ेगा बल्कि यूपीआई की ग्लोबल विश्वसनीयता भी और मजबूत होगी।
3 नवंबर से लागू होने वाले ये नए नियम UPI ट्रांजेक्शन को पहले से ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और तेज बना देंगे। अब निपटान प्रक्रिया (Settlement Process) समय पर पूरी होगी, विवादित लेनदेन अलग से सुलझाए जाएंगे, और ग्राहकों को ज्यादा भरोसेमंद अनुभव मिलेगा।
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