UPI 5 New Rules for Users: अभी हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा यूपीआई ट्रांजैक्शन की लिमिट को 1 लाख से बढ़कर 5 लाख रुपए तक कर दिया गया है। हालांकि आप यूपीआई के जरिए इन पैसों को कॉलेज, यूनिवर्सिटी या फिर हॉस्पिटल में ट्रांसफर कर सकते हैं। ऐसे तो यूपीआई काफी फायदेमंद है और इंडिया में डिजिटल पेमेंट के रिवॉल्यूशन को ले आने में काफी मददगार है। सुरक्षा और पेमेंट को आसान बनाने जैसे कई कारणों को ध्यान में रखते हुए इस नए साल पर यूपीआई के नियम में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। आज हम इन्हीं के बारे में बात करने वाले हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की एक आंकड़े के मुताबिक साल 2024 तक यूपीआई ट्रांजैक्शन के वॉल्यूम में साल 2023 के मुकाबले 60 प्रतिशत तक का इजाफा देखने को मिल सकता है। आपको बताते चलें कि यूपीआई के कुछ नियम में बदलाव किए गए हैं, जिनके बारे में हमें जानना जरूरी है, अगर हम इन नियम को जान लेते हैं तो अनजाने में होने वाली गलतियां भी रोक सकते हैं, तो लिए आपको इनके बारे में बताते हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 4 घंटे का कूलिंग पीरियड का प्रस्ताव भी दिया है। इसमें किसी भी नए व्यक्ति को यूपीआई पर 2000 से ज्यादा का ट्रांजैक्शन करने पर लागू किया जाएगा। इसमें लोगों के ट्रांजैक्शन की सुरक्षा भी काफी बढ़ जाएगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि फिर वह चार घंटे के टाइम के अंदर अपने ट्रांजैक्शन को रिवर्स या फिर मॉडिफाई भी कर सकते हैं।
अगर अब आपको हॉस्पिटल में इलाज करना है या फिर कॉलेज में बच्चे का एडमिशन कराना है और आपके खाते में पैसे हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अब आप कॉलेज और अस्पताल में यूपीआई एप्लीकेशन के जरिए एक लाख नहीं बल्कि 50,0000 तक का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इससे अब आपको हॉस्पिटल या फिर बच्चों के एडमिशन के टाइम ज्यादा परेशान होने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
इस तरह के बड़े आंकड़े की यूपीआई पेमेंट से उसे खास सेक्टर को फायदा मिलेगा, इसके अलावा लास्ट माइल कंज्यूमर और मर्चेंट को भी हाई वैल्यू रियल टाइम पेमेंट और इंस्टेंट सेटलमेंट का भी फायदा मिलेगा।
जल्द ही आपको यूपीआई पर पहले से सैंक्शन की गई क्रेडिट लाइन भी मिलेगी जिसके तहत कोई व्यक्ति खुद के लिए या फिर अपने बिजनेस के लिए यूपीआई के जरिए लोन ले सकता है।
आपको बताते चलें कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अब यूपीआई को सेकेंडरी मार्केट में भी ला दिया है। अभी इसकी टेस्टिंग बीटा फेस में चल रही है। फंड ब्लॉक करने में पोस्ट ट्रेड कंफर्मेशन और इंस्टेंटपेमेंट सेटलमेंट जैसे कई फायदे मिलेंगे। यूपीआई को सेकेंडरी मार्केट में इंट्रोड्यूस करने सेपेमेंट करना काफी ज्यादा आसान हो जाएगा और इससे मार्केट में लोगों का इन्वेस्टमेंट भी बढ़ सकता है। एसबीआई के इस्तेमाल से पेमेंट सेटलमेंट भी काफी तेज हो जाएगा।
जल्दी आने वाले समय में आपको यूपीआई एटीएम भी दिखेंगें, हालांकी अभी इकी टेस्टिंग पायलट फेस में चल रही है। अगर यह सिस्टम आ जाता है तो आपको पैसे निकालने के लिए फिजिकल डेबिट कार्ड की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। फिर इससे आप कर कोड का इस्तेमाल करके आसानी से तुरंत अपने मोबाइल फोन के यूपीआई से पैसे निकाल सकते हैं।
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