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UPI, NEFT, IMPS और RTGS हैं ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के 4 तरीके, ये हैं इनमें अंतर

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नई दिल्ली, सितंबर 26। देश में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा हैं। वर्तमान में फंड ट्रांसफर करने के लिए मुख्य रूप से 4 ऑप्शन उपलब्ध हैं। इसमें हम पहले विकल्प की बात करें तो ये सभी को पता ही हैं। यूपीआई क्योंकि ये सबसे पापुलर ऑप्शन भी हैं। हर महीने हम यूपीआई के माध्यम से ट्रांजेक्शन की बात करते हैं तो हर महीने यूपीआई से 10 लाख करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जाते हैं। इसके अलावा फंड ट्रांसफर की बात करें तो इसके लिए एनईएफटी, आईएमपीएस और आरटीजीएस की सहायता से ऑनलाइन फंड ट्रांसफर किया जाता हैं। आपके मन में ये सवाल तो आता ही होगा। कि ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के 4 विकल्प क्यों हैं और इस विकल्प के क्या फायदे है चलिए जानते हैं।

 

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लाभ और अन्य जानकारी आरटीजीएस की

लाभ और अन्य जानकारी आरटीजीएस की

विंट वेल्थ के को-फाउंडर और सीआईओ अंशुल गुप्ता के अनुसार, फंड ट्रांसफर के जो 4 ऑप्शन हैं। चारों की अलग-अलग खासियत हैं। रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) को वर्ष 2004 में लॉन्च किया गया था। इसमें रियल टाइम में ट्रांजेक्शन सेटल होता है इसका संचालन की बात करें तो इसका संचालन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया करता हैं। इसकी ट्रांजेक्शन की बात करें तो मिनिमम ट्रांजेक्शन लिमिट 2 लाख रु हैं। कोई अपर लिमिट नहीं होती है आरटीजीएस की। इसकी प्रोसेसिंग फीस की बात करें तो 2 से 5 लाख रु के ट्रांजेक्शन में आपको 25 रु ट्रांजेक्शन फीस देनी होती हैं और 5 लाख से अधिक के ट्रांजेक्शन में 50 रु की प्रोसेसिंग फीस लगती हैं।

लाभ और अन्य जानकारी नेफ्ट की
 

लाभ और अन्य जानकारी नेफ्ट की

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का दूसरा तरीका की बात करें तो ये एनआईएफटी हैं। वर्ष 2005 में इसकी शुरूआत हुई थी। आज के समय में यूपीआई और एनईएफटी का अधिक चलन हैं। नेफ्ट में मिनिमम ट्रांजेक्शन लिमिट की बात करें तो इसमें कोई मिनिमम ट्रांजेक्शन की लिमिट नहीं हैं। इसके संचालन की बात करें तो वो भी आरबीआई ही करता हैं। इसमें आरबीआई इसमें कोई चार्ज नहीं लेने का निर्देश दिया हैं। मगर बैंक इसमें 2.5 से 24.75 रु तक का फीस लेता हैं।

फायदे और अन्य जानकारी आईएमपीएस की

फायदे और अन्य जानकारी आईएमपीएस की

इमीडिएट पेमेंट सिस्टम (आईएमपीएस) को वर्ष 2010 में लॉन्च किया गया था। जब इसे शुरू किया गया था। उस समय इसकी लिमिट 2 लाख थी जिसे अब बढ़ा दिया हैं और इसे बढ़ा कर 5 लाख रु कर दिया गया हैं। इसकी सहायता से 24 घंटे ट्रांसफर किया जा सकता हैं और वो भी रियल टाइम ट्रांजेक्शन किया जा सकता हैं। बहुत से बैंको के लिए ये फ्री हैं मगर बहुत से बैंक इसके लिए चार्ज लेता हैं। वे चार्ज के रूप में 2.5 से 25 तक फीस लेते हैं।

यूपीआई के फायदे और डिटेल्स

आखिरी की बात करते है ये यूपीआई हैं। यूपीआई पिछले कुछ वर्षो में बहुत अधिक पापुलर हुआ हैं। हर महीने यूपीआई के माध्यम से ट्रांजेक्शन की बात करें तो 10 लाख करोड़ से अधिक ट्रांसेक्शन हर महीने होते हैं। यूपीआई को वर्ष 2016 में लॉन्च किया गया था। ये सर्विस सभी के लिए और 24 घंटे उपलब्ध हैं। अभी तक बात करें तो ये सर्विस बिलकुल फ्री हैं।

English summary

UPI NEFT IMPS and RTGS are 4 methods of online fund transfer here are the differences

The use of online transactions is increasing very fast in the country. Currently there are mainly 4 options available to transfer funds. In this, if we talk about the first option, then everyone knows it.
Story first published: Monday, September 26, 2022, 21:36 [IST]
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