UPI Fraud in India: इस डिजिटल दुनिया में यूपीआई (UPI) सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. आजकल हर छोटी से बड़ी दुकान में आसानी से आप यूपीआई के जरिए पेमेंट कर सकते हैं. यूपीआई ने पेमेंट करने के जरिया और आसान बना दिया है. लेकिन धीरे-धीरे यूपीआई से जुड़े स्कैम्स भी बढ़ने लगे हैं. आज हम उन कॉमन स्कैम्स के तरीके जानेंगे जो साइबर ठग इस्तेमाल करते हैं.

यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (Unified Payment Interference) ने पेमेंट करना काफी आसान बना दिया है. इस कैशलेस तरीके से कालाधन का खतरा भी कम हो गया है. आज आप बिना कैश के आसानी से कुछ भी खरीद सकते हैं. जिससे कैश चोरी होने का भी डर नहीं रहता है.
लेकिन अब चोरों ने भी एक नया जरिया निकाल लिया है. अब वे साइबर ठग बनकर एक ही बारी में आपके बैंक में मौजूद सारे पैसे निकाल लेते हैं. ऐसे में यूपीआई अब खतरा भी बन गया है. इस साल की शुरुआत से छह महीने तक 26 हजार लोग यूपीआई फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं. चलिए अब बिना वक्त गवाएं जान लेते हैं वो कॉमन तरीके जिनका स्कैर्म्स इस्तेमाल करते हैं.
UPI Fraud: कौन- कौन से तरीके होते है इस्तेमाल ?
पहला- साइबर ठग एक फेक इमेज बनाते हैं. जिसके जरिए वे आपसे अपने पैसे वापस मांगेंगे. इस इमेंज में पैसे सेंड करने की जानकारी होती है. अगर आप इस इमेज के जरिए गलती से स्कैन करते हैं, तो आपके सारे पैसे स्कैर्म्स के पास चले जाएंगे.
दूसरा- साइबर ठग आपको दोस्त या कोई दूर रिश्तेदार बनकर कॉल करेंगे. इसके बाद वे आपसे पैसे की डिमांड करेंगे. जाहिर है ये पैसे वे इमरजेंसी या जरूरी काम के लिए मांगेंगे. फिर जैसे ही आप पैसे सेंड करोगे. आपका पूरा अकाउंट खाली हो जाएगा.
तीसरा- साइबर ठग लोगों को नौकरी की लालच देकर भी पैसे हड़पते हैं. वे इसके लिए फेक यूपीआई क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते हैं. जिसके बाद वे एक फेक वेबसाइट के जरिए आपसे पैसे हड़पते हैं.
चौथा- आजकल साइबर ठग पोस्ट ऑफिस, आरबीआई और यहां तक की बैंकों के नाम से भी आपसे पैसे लूटते हैं. आपके फोन में एक मैसेज आता है, जो किसी नामी सरकारी संगठन का होगा. इसके बाद आपको कुछ जानकारी ठीक करने के लिए कहा जाएगा. फिर अगर आप मैसेज में भेजे गए लिंक पर जाएंगे, तो आपके सारे पैसे लूट लिए जाते हैं.
How to Save From UPI Fraud: कैसे करें बचाव?
अगर आप साइबर ठग के जाल से बचना चाहते हैं, तो आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना पड़ेगा. ऐसा करके आप साइबर फ्रॉड से अपना बचाव करने में सक्षम होंगे.
पहला- आपको अपना यूपीआई पिन किसी को भी शेयर नहीं करना है. स्कैमर्स ये पिन सरकारी ऑफिसर या बैंक कार्यकर्ता बनकर आपसे डिमांड करेंगे. लेकिन आपको किसी भी हालात में अपना यूपीआई पिन कोड किसी को भी शेयर नहीं करना है.
दूसरा- ये ध्यान रखें की पेमेंट पाने के लिए आपको यूपीआई पिन कोड डालने की जरूरत नहीं होती है. अगर आपको ये कहा जा रहा है कि आपके बैंक में पैसे आएंगे, बस आपको यूपीआई कोड डालना है, तो ये फ्रॉड है. क्योंकि पैसे रिसीव करने के लिए यूपीआई कोड डालने की जरूरत नहीं पड़ती है.
तीसरा- आप किसी भी तरह के लिंक से पेमेंट करने से बचें. खासकर वे लिंक जो आपको एसएमएस, ईमेल के जरिए प्राप्त होते हैं. क्योंकि ये लिंक सेव नहीं होते. इसके साथ ही फोन में हमेशा लॉक या फिंगरप्रिंट लगाकर रखें. ऐसे करने से आप साइबर ठग से बच सकते हैं.
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