Upcoming IPO: शेयर मार्केट में एक और आईपीओ एंट्री लेने वाला है। सचिरोम लिमिटेड आईपीओ (Sacheerome IPO) कुल ₹61.62 करोड़ का बुक बिल्डिंग इश्यू है। कंपनी 60.41 लाख फ्रेश शेयर्स लेकर आ रही है।
यह आईपीओ 9 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 11 जून सब्सक्रिप्शन को बंद होगा। इसके शेयर्स का अलॉटमेंट 12 जून को होने की उम्मीद है। सचीरोम का IPO NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकता है और इसका लिस्टिंग डेट 16 जून तय की गई है।

इस आईपीओ का प्राइस बैंड
इस आईपीओ का प्राइस बैंड 96 रुपये से 102 रुपये तय किया गया है। इस IPO में निवेश के लिए मिनिमम लॉट साइज 1200 शेयर्स का है। रिटेल निवेशकों के लिए मिनिमम निवेश राशि ₹1,15,200 है। इसके अलावा HNI (High Net-worth Individual) निवेशकों के लिए न्यूनतम 2 लॉट यानी 2,400 शेयरों में निवेश जरूरी है।
आईपीओ का बुक रनिंग लीड मैनेजर
सचीरोम IPO के लिए GYR Capital Advisors Private Limited बुक रनिंग लीड मैनेजर है। इसके अलावा MUFG Intime India Private Limited (Link Intime) इस IPO का रजिस्ट्रार है। कंपनी सचीरोम के प्रमोटर्स में श्री मनोज अरोड़ा, अल्का अरोड़ा, ध्रुव अरोड़ा शामिल हैं।
कंपनी के बारे में जानकारी
सचीरोम लिमिटेड, जो जून 1992 में शुरू हुई थी, एक क्रिएटिव कंपनी है जो खुशबू (Fragrances) और स्वाद (Flavours) तैयार करने और बनाने में स्पेशलाइज्ड है। कंपनी कॉस्मेटिक और इंडस्ट्रियल परफ्यूम्स, फूड एडिटिव्स, फ्लेवरिंग एसेंस इसमें शामिल हैं। इसके अलावा पर्सनल केयर, बॉडी केयर, हेयर केयर, होम केयर, बेबी केयर, फैब्रिक केयर, फाइन फ्रेग्रेन्स (परफ्यूम) भी शामिल हैं।
ड्रिंक्स और बेवरेजेस, बेकरी प्रोडक्ट्स के साथ-साथ डेयरी प्रोडक्ट्स, हेल्थ और न्यूट्रिशन, टूथपेस्ट और ओरल केयर, मांसाहारी प्रोडक्टस, ड्राई फ्लेवर और सीजनिंग भी इसमे शामिल हैं। सचीरोम का बिजनेस B2B FMCG मॉडल पर आधारित है। यानी यह सीधे ग्राहकों को नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स बेचती है। इसमें भारत में ही नहीं, विदेशों भी शामिल है। ये कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को भारत के साथ-साथ यूएई और अफ्रीकी देशों में भी निर्यात करती है।
इस कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
Sacheerome Limited का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस लगातार सुधरता हुआ नजर आया है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी ने 70.93 करोड़ रुपये का कुल रेवेन्यू था, जबकि नेट प्रॉफिट 5.99 करोड़ रुपये रहा।
इसके अगले साल यानी 2023-24 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 86.4 करोड़ रुपये हो गया और नेट प्रॉफिट 10.67 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 22% की बढ़त को दर्शाता है।
इस फंड का कहां इस्तेमाल करेगी कंपनी?
कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए करेगी। इसके अलावा, कुछ राशि का उपयोग कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों जैसे दैनिक संचालन, प्रबंधन खर्चों और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जाएगा।


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