Upcoming IPO: आईपीओ में मार्केट में जल्द ही एक और कंपनी का पब्लिक इश्यू खुलने वाला है. दिल्ली बेस्ड इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज लिमिटेड के आईपीओ आवेदन को मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंजूरी दे दी है. कंपनी फसल सुरक्षा उत्पादों, पौधों के पोषक तत्वों और जैविक उत्पादों का कारोबार करती है. कंपनी की योजना आईपीओ के जरिए फंड जुटाने की है.
200 करोड़ का होगा फ्रेश इश्यू
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी आरएचपी के मुताबिक आईपीओ में 200 करोड़ रुपए तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे. साथ ही ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस में मौजूदा शेयरहोल्डर्स 38,54,840 इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगी. आईपीओ में 10 रुपए प्रति इक्विटी के फेस वैल्यू से शेयर जारी किए जाएंगे. बता दें कि ऑफर में एक हिस्सा पात्र कर्मचारियों के लिए भी रिजर्व होगा.
ओएफएस में प्रोमोटर्स बेचेंगे हिस्सेदारी
इंडोगल्फ क्रॉपसाइसेज के आईपीओ में प्रोमोटर्स भी हिस्सा बिक्री करेंगे. इसमें ओम प्रकाश अग्रवाल (एचयूएफ) की ओर से 15,40,960 इक्विटी शेयर और संजय अग्रवाल (एचयूएफ) की ओर से 23,13,880 इक्विटी शेयर की बिक्री शामिल हैं. इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज फ्रेश इश्यू साइज के 20% से अधिक नहीं प्रतिभूतियों के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पर भी विचार कर सकता है. यदि यह पूरा हो जाता है, तो इससे नए निर्गम आकार में कमी आएगी.

फंड का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी आईपीओ में मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कई कार्यों के लिए करेगी. इसमें 100 करोड़ रुपए का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए होगा. 40 करोड़ रुपए का इस्तेमाल कर्ज भुगतान के लिए होगा. इसके अलावा हरियाणा के बड़वासनी में इन-हाउस ड्राई फ्लोएबल प्लांट बनाने के लिए 14 करोड़ रुपए का खर्च होगा. बाकी रकम को सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए खर्च किया जाएगा.
इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज का कारोबार
इंडोगल्फ़ क्रॉपसाइंसेस की शुरुआत 1993 में हुई. कंपनी फसल सुरक्षा, पौधों के पोषक तत्व और जैविक उत्पाद का काम करती है. यह फसल उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए रिटेल और संस्थागत ग्राहकों को सॉल्युशंस मुहैया करती है.
कंपनी 2018 में कम से कम 97% शुद्धता के साथ पाइराज़ोसल्फ़्यूरॉन एथिल टेक्निकल और 2019 में कम से कम 96.5% शुद्धता के साथ स्पिरोमेसिफेन टेक्निकल के पहले भारतीय उत्पादकों में से एक थी.
कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो
इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज डब्ल्यूडीजी, एससी, सीएस, यूएलवी, ईडब्ल्यू, एसजी और एफएस सहित कई तरह के फॉर्मूलेशन मुहैया कराता है, जो पाउडर, कणिकाओं और तरल पदार्थों के रूप में मिलते हैं. इन डायवर्सिफाय फॉर्मूलेशन का टारगेट टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देते हुए फसल की पैदावार बढ़ाना है.
आईपीओ मैनेजर भी हुआ नियुक्त
कंपनी ने सिस्टमैटिक्स कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड को आईपीओ के लिए एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में नियुक्त किया है. जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार होगा.


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