Laxmi India Finance IPO: जयपुर स्थित नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी लक्ष्मी इंडिया फाइनेंस लिमिटेड ने आईपीओ के माध्यम से धन जुटाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल कर दिया है। आइए इसके बारे में आपको जानकारी देते हैं।

आईपीओ का फेस वैल्यू
5 रुपये के फेस वैल्यू वाला यह आईपीओ 1,04,53,575 तक के नए शेयरों के इश्यू और प्रमोटर तथा प्रमोटर ग्रुप सेलिंग शेयरधारकों द्वारा 56,38,620 इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रपोजल है। इस प्रपोजल में एलिजिबल कर्मचारियों द्वारा मेंबरशिप के लिए रिजर्वेशन भी शामिल है और कर्मचारी रिजर्वेशन में बोली लगाने वाले एलिजिबल कर्मचारियों को छूट दी जा रही है।
ऑफर फॉर सेल के लिए प्रपोजल में दीपक बैद द्वारा 3,084,952 इक्विटी शेयर, प्रेम देवी बैद द्वारा 913,070 इक्विटी शेयर, अनीशा बैद द्वारा 1,261,902 इक्विटी शेयर, दीपक हाईटेक मोटर्स द्वारा 180,000 इक्विटी शेयर, प्रेम डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 90,000 इक्विटी शेयर, प्रीति चोपड़ा द्वारा 54,348 इक्विटी शेयर और रश्मि गिरिया द्वारा 54,348 इक्विटी शेयर बेचने वाले शेयर शामिल हैं।
लक्ष्मी इंडिया फाइनेंस के बारे में खास बातें
लक्ष्मी इंडिया फाइनेंस एक NBFC है जो भारत के लोन बाजार के अंदर कम सेवा वाले क्षेत्रों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में माहिर है। कंपनी 1990 के दशक की शुरुआत में दीपक फाइनेंस एंड लीजिंग कंपनी (DFL) के द्वारा चलाई गई हैं, जो प्रमोटर के पिता द्वारा स्थापित एक प्रोपराइटरशिप है। साल 2010 में, प्रमोटर ने कंपनी के शेयर और नियंत्रण हासिल कर लिया, इसके बाद 2011 में DFL के बिजनेस और ऑपरेशन का इंटिग्रेशन किया, जिसमें दोनों संस्थाओं की ताकत और विशेषज्ञता को मिलाया गया।
30 जून, 2024 तक, लक्ष्मी इंडिया फाइनेंस ने ₹1,035.53 करोड़ का एयूएम दर्ज किया, जिसमें एमएसएमई और वाहन लोन 75.49% और 17.46% योगदान करते हैं। जयपुर में स्थित, कंपनी ने अपने संचालन में व्यापक रूप से टेक को अपनाया है, जिसमें लोन ओरीजन,अंडरराइटिंग,कलेंक्शन और डिस्बर्समेंट और कस्टमर सर्विस शामिल है।
कहां इस्तेमाल होगा आईपीओ से जुटाया फंड?
कंपनी अलग-अलग डेमोग्राफिक,बिजनेस, आय लेवल, क्षेत्रों और क्रेडिट प्रोफाइल में कस्टमर बेस्ड सर्विस करती है। इसके 38.19% कस्टमर पहली बार लोन लेने वाले हैं, जो वित्तीय समावेशन के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है। 30 जून, 2024 तक, इसका कस्टमर बेस्ड 26,065 था, जिसमें 15,732 एक्टिव एमएसएमई कस्टमर और 6,146 एक्टिव वाहन लोन कस्टमर शामिल थे, जो 31 मार्च, 2022 को 14,568 ग्राहकों से 78.92% की वृद्धि दर्शाता है। नए इश्यू से प्राप्त आय, आगे के लोन और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए अपनी भविष्य की पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने केपिटल बेस को बढ़ाने की सीमा तक होगी।
यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें नेट ऑफर का 50% से अधिक योग्य इंस्टीट्यूशनल बायर को अलॉट नहीं किया जाता है, और नेट ऑफर का 15% और 35% से कम हिस्सा नॉन- इंस्टीट्यूशनल और रिटेल बिडर्स को अलॉट नहीं किया जाता है।
कंपनी ने अपने ब्रांच नेटवर्क को बढ़ाया
लक्ष्मी इंडिया फाइनेंस 30 जून, 2024 तक 7 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, 10 निजी बैंकों, 5 छोटे वित्त बैंकों और 21 एनबीएफसी और वित्तीय संस्थानों सहित 43 उधारदाताओं तक पहुंच के साथ एक विविध फंडिंग आधार बनाए रखता है।
30 सितंबर, 2024 तक, इसके ऑपरेशनल नेटवर्क में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 139 ब्रांच शामिल थीं। डीआरएचपी में उद्धृत केयर रिपोर्ट के अनुसार, अपने साथियों के बीच, यह वित्त वर्ष 24 तक राजस्थान में सबसे अधिक ब्रांच रखने का गौरव रखता है। कंपनी ने अपने ब्रांच नेटवर्क को लगातार बढ़ाया है, जो मार्च 2022 में 93 ब्रांच से बढ़कर मार्च 2023 में 119 और जून 2024 तक 135 हो गया है।
साथ ही, इसका AUM मार्च 2022 में ₹5,316.02 मिलियन से बढ़कर जून 2024 तक ₹10,355.35 मिलियन हो गया, जिसने 34.49% का CAGR हासिल किया। एमएसएमई लोन AUM 30.73% की CAGR से बढ़ा, जबकि वाहन फाइनेंसिग AUM ने उसी अवधि के दौरान 78.55% का CAGR देखा है।
ये है बुक-रनिंग लीड मैनेजर
पीएल कैपिटल मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर है और लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू का रजिस्ट्रार है। इक्विटी शेयरों को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बीएसई लिमिटेड में लिस्ट करने का प्रस्ताव है।


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