Upcoming IPO: प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर धूम मचने वाला है. क्योंकि प्रीसिजन कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी गाला प्रिसिजन इंजीनियरिंग लिमिटेड का पब्लिक इश्यू अगले हफ्ते खुलने वाला है. यह सोमवार, 2 सितंबर, 2024 को लॉन्च होगा, जिसके लिए प्राइस बैंड 503 और 529 रुपए प्रति इक्विटी शेयर तय किया है. इसका फेस वैल्यू 10 रुपए है. IPO बुधवार, 4 सितंबर, 2024 को बंद हो जाएगा. निवेशक न्यूनतम एक लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसमें 28 इक्विटी शेयरों मिलेंगे.
Gala Precision Engineering में फ्रेश इश्यू में 25,58,416 इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. इसके अलावा ऑफर फॉर सेल यानी OFS में प्रोमोटर्स ग्रुप और मौजूदा निवेशक हिस्सा बिक्री करेंगे. OFS में 6,16,000 इक्विटी शेयरों की बिक्री होगी. IPO से मिली रकम का इस्तेमाल तमिलनाडु के वल्लम-वडागल में एक नई फेसिलिटी सेट की जाने पर होगा. साथ ही महाराष्ट्र के पालघर में पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं को पूरा करने सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाएगा.
IPO रकम का कहां होगा इस्तेमाल?
IPO से मिले रकम में से 37 करोड़ रुपए का आवंटन वल्लम-वडागल में हाई tensile वाले फास्टनरों और हेक्स बोल्ट के लिए एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिटस्थापित करने के लिए किया जाएगा. इसके अतिरिक्त 11.06 करोड़ रुपए का उपयोग वाडा सुविधा में उपकरण और मशीनरी खरीदने के लिए किया जाएगा. कंपनी द्वारा लिए गए कुछ उधारों को चुकाने या समय से पहले चुकाने के लिए 45.43 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं.

गाला प्रिसिजन इंजीनियरिंग मुख्य रूप से अपने स्प्रिंग्स टेक्नोलॉजी ड्राइवेन के माध्यम से काम करती है, जो डिस्क और स्ट्रिप स्प्रिंग्स (DSS), कॉइल और स्पाइरल स्प्रिंग्स (CSS) और स्पेशल फास्टनिंग सॉल्युशंस (SFS) का उत्पादन करती है. कंपनी इन उत्पादों को मूल उपकरण निर्माताओं (OEM), टियर 1 आपूर्तिकर्ताओं और नवीकरणीय ऊर्जा, औद्योगिक अनुप्रयोगों, ऑटोमोटिव और रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों में चैनल भागीदारों को आपूर्ति करती है.
ग्लोबल क्लाइंट्स और पहुंच
कंपनी के उत्पाद जर्मनी, डेनमार्क, चीन, इटली, ब्राजील, अमेरिका, स्वीडन और स्विटजरलैंड जैसे देशों में निर्यात किए जाते हैं. यह गाला प्रिसिजन को OEM के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन का एक अभिन्न अंग बनाता है. अकेले पवन टर्बाइन SFS प्रोडक्ट्स के घरेलू बाजार में कंपनी का लगभग 15% मार्केट शेयर है.
वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए गाला प्रिसिजन ने 22.41% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 165.46 करोड़ रुपए के मुकाबले 202.54 करोड़ रुपए तक पहुंच गई. यह ग्रोथ नए ग्राहक अधिग्रहण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों से हाई डिमांड के साथ-साथ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की मांग से बढ़ी CSS बिक्री के कारण DSS की बिक्री में बढ़ोतरी से प्रेरित थी.


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