Upcoming Union Budget 2024: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक घोषणा की है, जिसमें उन्होंने 1 फरवरी 2024 को आने वाले यूनियन बजट को लेकर बड़ी बात कही है। वित्त मंत्री के अनुसार 1 फरवरी को आने वाले बजट में कोई बहुत बड़ी घोषणा होने की उम्मीद नहीं है। वित्तमंत्री बयान से साफ हो गया है कि सरकार फरवरी में आने वाले बजट में कोई बड़ी घोषणा करने का प्लान नहीं बना रही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह लेखानुदान एक अंतरिम बजट है, जिसके माध्यम से मौजूदा सरकार नई सरकार के गठन तक चलने के लिए आवश्यक व्यय के लिए संसद की मंजूरी मांगती है।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री ने ग्लोबल इकोनामिक पॉलिसी फोरम 2023 के दौरान नई दिल्ली में यह बात कही है। उन्होंने कहा कि हालांकि मैं सब कुछ बताना नहीं चाहती लेकिन 1 फरवरी को आने वाला बजट सिर्फ लेखानुदान है। अगली सरकार के सत्ता में आने तक ये खर्चों को पूरा करने के लिए लाया जा रहा बजट है। इसमें किसी भी तरह की बड़ी घोषणा नहीं की जानी है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद आने वाले बजट में उस समय सत्ता में मौजूद सरकार द्वारा किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद की जा सकती है।
अपने भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल इंगेजमेंट ग्रोथ पर बातचीत को
भी जरूरी बताया है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा हे कि ट्रांजेक्शनल एनर्जी का कॉस्ट हमारे लिए एक चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के खिलाफ यूरोपीय संघ के कार्बन टैक्स के मानदंड नैतिक रूप से गलत हैं।
क्या है लेखानुदान
लेखानुदान बजट से थोड़ा अलग होता है। यह आम तौर पर राजस्व और खर्चों का लेखा-जोखा होता है। इसमें कुछ महीनो के लिए सरकारी कर्मचारियों के वेतन पेंशन और दूसरे सरकारी कामों के लिए राजकोष से पैसे लेने का प्रस्ताव होता है। आपको बताते चलें कि लेखानुदान के दौरान सरकार द्वारा कोई नीतिगत फैसला नहीं किया जाता है। इसमें टैक्स रेट में बदलाव या फिर किसी नई योजना की घोषणा भी सरकार द्वारा नहीं की जाती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय अंतरिम बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण के समान भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति का विवरण देने वाला एक 'संक्षिप्त' दस्तावेज पेश करना का विचार बना रहा है।
1 फरवरी को जारी हो सकते हैं ये आंकड़े
आपको बताते चलें कि आम तौर पर, आम चुनाव से पहले, केंद्र सर्वेक्षण तभी प्रस्तुत करता है, जब पूर्ण वार्षिक वित्तीय विवरण जून के आसपास पेश किया जाता है। गौरतलब है कि फरवरी में आने वाला सर्वे पूर्ण आर्थिक सर्वेक्षण नहीं होगा, बल्कि सर्वेक्षण के समान एक संक्षिप्त दस्तावेज होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 फरवरी को आने वाले बजट के दौरान जीडीपी ग्रोथ, तेल की कीमतें, जीडीपी ग्रोथ टारगेट के आंकड़े जारी किए जाएंगे हालांकि इससे भारत की अर्थव्यवस्था पर कुछ खास असर नहीं पड़ने वाला है।
गौरतलब है कि भारत में अगले वर्ष भी प्रत्यक्ष करों में वृद्धि की समान दर बजट में रहने की संभावना है, जो इस वित्तीय वर्ष के उच्च आधार पर होगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसा माना जा रहा है कि डायरेक्ट टैक्स की ग्रोथ जीडीपी के ग्रोथ रेट से ज्यादा होगी जो की फाइनेंशियल ईयर 24-25 के दौरान 10.5 प्रतिशत तक रह सकती है।
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