लखनऊ। एक तरफ सरकारें और लोग कारोबार ठप होने से परेशान हैं, वहीं योगी सरकार ने किसानों की मदद का अनोखा तरीका निकाला। उन्होंने किसानों से सब्जी ली और ब्रिटेन का निर्यात कर दी। इस वक्त ऐसे कई देश हैं, जहां सब्जियों सहित खाने पीने के कई वस्तुओं का अभाव है। योगी सरकार ने किसानों के हित में इस बात का फायदा उठाया और अरबों की रुपये की सब्जी निर्यात कर दी। इससे किसानों को अच्छे भाव और वहीं उत्तर प्रदेश के लिए निर्यात का एक नया मार्ग भी खुला गया। उम्मीद है कि अब प्रदेश से कृषि निर्यात में तेजी आ सकती है, जिससे किसानों को काफी फायदा हो सकता है।
राहत देने वाली खबर
कोरोना महामारी के दौराल लागू लॉकडाउन के चलते सब्जियों के भाव औंधे मुंह गिर गए हैं। परेशान किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही हैं। इस परिस्थिति में उत्तर प्रदेश सरकार का फैसला किसानों को राहत देता लग रहा है। उत्तर प्रदेश से पहली बार ब्रिटेन को सब्जियों का निर्यात किया गया है।
वाराणसी से किया गया यह निर्यात
3 दिन पहले वाराणसी से 214 करोड़ रुपये की सब्जियों का निर्यात ब्रिटने के लिए किया गया है। इस खेप के लिए प्रदेश की विभिन्न मंडियों से सब्जियां खरीदी गईं। इसमें कानपुर से करीब 39 करोड़ रुपये की सब्जियां खरीदी गई हैं। फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) के अनुसार राज्य कृषि निर्यात नीति के तहत इन सब्जियों का पहली बार निर्यात हुआ है।
इस लॉट में भेजी गईं 50 तरह की सब्जियां
ब्रिटिश एयरवेज का विमान वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यह सब्जियां लेकर गया है। इस खेप में करीब 50 तरह की सब्जियां भेजी गई हैं। इंग्लैंड भेजी गई सब्जियों में 101 करोड़ रुपये के आलू और लगभग 84 करोड़ की प्याज भेजी गई है। बाकी अन्य तरह की सब्जियां हैं। उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश से अभी सब्जियों की और खेप भेजी जा सकती है। इसके अलावा अन्य देशों से भी जानकारी मांगाई जा रही हैं, जहां सब्जियों और कृषि उत्पादों का निर्यात किया जा सके।
कोरोना महामारी और लॉकडाउन से ब्रिटेन की हालत खराब
समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक ब्रिटेन में सरकार महीनों से जारी लॉकडाउन को कम करने की योजना बना रही है। ब्रिटिश मीडिया की ओर से यह दावा किया गया है। द टेलीग्राफ ने बताया कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस हफ्ते की शुरुआत में महीनों से जारी लॉकडाउन को कम करने की योजना की घोषणा होने की उम्मीद है। ब्रिटेन में लॉकडाउन को 7 मई से पहले खत्म करने की तैयारी हो सकती है। दुनिया के कई देशों में लम्बे समय से जारी लॉकडाउन के चलते खाने पीने के वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़ा है। वहीं भारत के पास कृषि उत्पादों से सब्जियों और अन्य वस्तुओं का पर्याप्त स्टाॅक है। ऐसे में जहां कई देशों को इन उत्पादों की जरूरत है, वहीं भारत के पास यह काफी मात्रा में हैं, तो इनके निर्यात की संभावना बढ़ जाती है। इससे न देश और प्रदेश के किसानों को आर्थिक मदद मिल पाएगी, वहीं दुनिया के उन हिस्सों में इन सामानों से लोगों की भूख की समस्या हल हो सकेगी।
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