
UP : देश भर में एथनाल के उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले पायदान में पहुंच चुका हैं। अब उत्तर प्रदेश हर साल एक नया रिकॉर्ड बना रहा है। राज्य में एथनाल उत्पादन 153.71 करोड़ लीटर तक पहुंच चुका है। यह उत्पादन आंकड़ा अभी तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।
इतना हीं नहीं इसके साथ ही 150 करोड़ लीटर एथनाल की आपूर्ति के लिए तेल कंपनियों से करार की प्रोसेस भी पूरी की जा चुकी है।
आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी की तरफ से बताया गया है कि वर्तमान वक्त में 81 डिस्टलरी संचालित है। जिसकी अगर हम सालाना उत्पादन क्षमता की बात करें, तो फिर यह 300 करोड़ लीटर से ज्यादा पहुंच चुकी है।
आने वाले 5 महीने से 6 महीने में और 18 डिस्टलरी शुरू हो जाएगी, उस स्थिति में एथेनाल उत्पादन क्षमता लगभग 400 करोड़ लीटर से ज्यादा पहुंच जायेगी।
बता दें कि फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में उत्तर प्रदेश में एथनाल उत्पादन सिर्फ 42.77 करोड़ लीटर था जो एथनाल उत्पादन फाइनेंशियल ईयर 2022-23 तक बढ़ कर 153.71 करोड़ लीटर तक पहुंच चुका है।
पेट्रोल में 11 फीसदी एथनाल मिश्रण के साथ उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा प्रदेश बन चुका है। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश का प्रयास इसे 14 फीसदी तक लेकर जाना है।
बता दें कि अगर पेट्रोल में एथनाल को मिलाया जाता है, तो फिर इसको मिलाने से प्रदूषण के स्तर को कम करने में सहायता मिलती है।
एथनाल के उपयोग से गाड़ी 35 फीसदी कम कार्बन मोनो आक्साइड का उत्सर्जन करती हैं। इतना ही नहीं इसके साथ ही सल्फर डाइ आक्साइड का उत्सर्जन तो एथनाल कम करता ही है। इसके साथ ही हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन भी एथनाल कम करता है।
एथनाल इसके अलावा हाइड्रोकार्बन के उत्सर्जन को भी कम करता है। एथनाल में 35 प्रतिशत आक्सीजन होता है।


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