UP : यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 7 जिलों की प्रयोगशालाएं होगी अपग्रेड

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UP : उत्तर प्रदेश में यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 7 जिलों की प्रयोगशालाएं अपग्रेड की जाएगी। यह जो 7 प्रयोगशाला होगी। इन सातों प्रयोगशाला को राष्ट्रीय परीक्षण व अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से प्रमाणित कराया जायेगा। इसमें झांसी, आगरा, सहारनपुर, अलीगढ़, बरेली, मथुरा व मुजफ्फरनगर जिले की प्रयोगशालाओं को शामिल किया गया है, तो आइए जानते हैं इसके बारे में।

एनएबीएल प्रयोगशालाओं व औद्योगिक इकाईयों में लगने वाले प्लांटों को प्रमाणित करती है। अगर हम मौजूदा वक्त की बात करें, तो फिर मौजूदा वक्त में आठ प्रयोगशालाएं एनएबीएल से प्रमाणित हैं। इसमें 4 प्रयोगशाला की प्रोसेस पूरी होने वाली है। इसके साथ ही 7 के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास देश में सबसे ज्यादा 19 प्रयोगशाला राष्ट्रीय परीक्षण व अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड से प्रमाणित होगी।

एनएबीएल से मान्यता मिलने में 6 महीने से लेकर 8 महीने का वक्त लगेगा। एनबीएल की टीम 7 जिलों की टीम को अपने मानक पर कसेगी। इसके बाद प्रमाण पत्र जारी किए जायेंगे।

उत्तर प्रदेश के 7 जिलों की प्रयोगशालाओं को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राष्ट्रीय परीक्षण व अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड में मानकों को ध्यान में रखकर बनाएगा। प्रयोगशाला में कई सारी चीजों को मजबूत किया जाएगा। जैसे मशीने, सैंपलिंग व्यवस्था, आधुनिक उपकरण आदि। इसके साथ ही जल, वायु व ध्वनि प्रदूषण मापने के पैरामीटर में भी इजाफा होगा।

जब एनएबीएल से प्रयोगशाला को प्रमाण पत्र मिल जायेगा। इसके बाद नदियों, भूगर्भ जल, तालाबों का सैंपल को जांच के लिए लखनऊ नहीं भेजना होगा। अब जिलों में ही केंद्रीय प्रयोगशाला की तरह जांच हो पाएगी।

5 अप्रैल 2023 के मुख्यालय से मथुरा, झांसी, अलीगढ़, आगरा, बरेली, सहारनपुर, जिले मुजफ्फरनगर जनपद के सभी रीजनल अफसरों के साथ वीसी की गई। जिसमें प्रयोगशाला को अपग्रेड करने पर चर्चा की गई है।

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अभी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जो प्रयोगशाला है। इस प्रयोगशाला में जल प्रदूषण के 12 पैरामीटर की जांच होती है। जब यह प्रयोगशाला एनएबीएल से प्रमाणित हो जाएगी। इसके बाद यह पर 30 से ज्यादा पैरामीटर की जांच हो सकेगी। इतना ही नहीं यह भारी मेटल की भी काफी आसानी से जांच हो सकेगी। इसके साथ ही सूक्ष्म से सूक्ष्म कणों की जांच की जा सकेगी।

चीफ एनवायरमेंटल ऑफिसर केंद्रीय प्रयोगशाला लखनऊ, रामगोपाल की तरफ से कहा गया है कि राज्य के 7 जिलों की प्रयोगशाला को यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बेहतरी के लिए अपग्रेड किया जाएगा। इन प्रयोगशाला को राष्ट्रीय परीक्षण व अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड से प्रमाणित कराया जायेगा।

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