
UP Govt : मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में कम से कम 20 चार्जिग स्टेशन और 5 स्वैपिंग स्टेशन बनाना अनिवार्य कर दिया है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह की तरफ से बुधवार को कहा गया है कि उत्तर प्रदेश प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति की नियमावली जारी कर दी गई है।
इसके अनुसार नीति की जो प्रभावी अवधि है। इसमें अधिक से अधिक 5 लाख प्रति इकाई की सीमा के अधीन उत्तर प्रदेश में स्थापित होने वाले पहले 1 हजार स्वैपिंग स्टेशनों में सेवा इकाइयों के लिए 20 फीसदी दर से पूंजी खर्च की जाएगी।
यह जो नीति है इस नीति के दौरान हर एक जिले में कम से कम 20 चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था करनी होगी। अधिक से अधिक 10 लाख प्रति इकाई की सीमा में स्थापित होने वाले पहले 10 लाख प्रति इकाई की के अधीन 2 हजार चार्जिंग स्टेशनों की सर्विस इकाइयों पर 20 फीसदी खर्च किया जायेगा।
प्रोत्साहन व जो फायदा है। यह फायदे को चार्जिंग स्टेशन व स्वैपिंग स्टेशन के बिजनेस के संचालन को शुरू करने के बाद दिया जायेगा।
कोई भी जो व्यक्ति निवेशक है उसे अधिक से अधिक 100 चार्जिंग स्टेशन व स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए ही उपादान दिया जायेगा। सभी प्रोत्साहन सिर्फ व्यवसाय की प्रोसेस को शुरू होने के बाद ही दिया जायेगा।
किसी भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के लिए सभी जो वित्तीय प्रोत्साहन का योग स्थाई पूंजी इंवेट्स के 100 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
पहले आओ पहले पाओ के आधार पर उन परियोजनाओं के लिए निर्धारित किया जाएगा। उन्हें इस नीति के अंतर्गत मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा प्रोत्साहन लाभ के लिए स्वीकृति पत्र प्रदान किया जाएगा।


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