
UP Govt : मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने पिछले साल से इस बार गेहूं की कीमत में प्रति क्विंटल 110 रु की बढ़ोतरी की है। इस प्रकार से 2125 रु प्रति क्विंटल की दर से सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जाएगी।
बुधवार को राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत गेहूं क्रय नीति का शासादेश जारी कर दिया। राज्य की 7 सरकारी व सहकारी एजेन्सियों की पांच हजार नौ सौ जो क्रय केन्द्र है। इस बात 60 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की जाएगी।
सरकारी खरीद केंद्रों में पिछले साल गेहूं का खरीद मूल्य 2015 रु प्रति क्विंटल तय किया गया था। अगर हम इस बार की बात करें, तो फिर इस बार 7 सहकारी एवं सरकारी एजेन्सियां ही क्रय केंद्रों के जरिए गेहूं की खरीद करेगी।
अगर हम इन एजेंसी की बात करें तो फिर इसमें यूपी राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद, यूपी उपभोक्ता सहकारी संघ, उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूपियन, खाद्य विभाग, भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ तथा भारतीय खाद्य निगम के नाम शामिल हैं।
यह सभी जो एजेंसियां है इन एजेंसियों को अलग-अलग मात्रा में खरीद का लक्ष्य दिया गया है। शासनादेश के मुताबिक खाद्य आयुक्त की तरफ से क्रय एजेंसियों के टारगेट को घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
इतना ही नहीं इसके अलावा पंजीकृत एफपीओ या एफपीसी भी कुछ शर्तों के साथ कृषि विभाग व मण्डी परिषद से संबद्ध होकर गेहूं की खरीद कर सकता है। सुबह 9 से शाम 6 बजे तक सभी क्रय केंद्र खुलेंगे।
रविवार के दिन क्रय केन्द्र बन्द रहेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय अवकाश के दिन क्रय केन्द्र बन्द रहेंगे। अगर संबंधित जिले के जिले अधिकारी की चाहें, तो किसानों के लिए अवकाश में दिन भी क्रय केन्द्रों को खुलवा सकते है।
अगर किसान गेहूं को बेचना चाहते है, तो फिर इसके लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। सभी केन्द्रों पर खाद्य विभाग की तरफ से लैपटॉप, प्रिंटर और इंटरनेट आदि की व्यवस्था रहेगी। इन खरीद केंद्रों पर किसानों के गेहूं की खरीद को 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा।


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