
UP Govt : योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा न केवल कस्बों, गांवों और शहरों तक बेटियों के लिए अनिवार्य शिक्षा का अभियान को चलाया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य की बेटियों को व्यावसायिक शिक्षा से भी जोड़ने की पहल की गई है साथ ही बेटियों को केंद्र में रखकर मिशन शक्ति अभियान भी चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा बेटियों को सेल्फ डिफेंस के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रदेश की बेटियों को क्वॉलिटी शिक्षा मिले। इसके लिए प्रदेश में अलग से कस्तूबरा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की भी शुरुआत की जा रही है, तो आइए जानते हैं इसके बारे में।

ध्यान हो रहा मुफ्त शिक्षा से लेकर फिजिकल फिटनेस का
दरअसल, मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से बीते दिनों कहा गया था कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान को लेकर कोशिश कर रही है। ये सरकार की संवेदनशीलता का ही नतीजा है कि राज्य में बेटियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए टैबलेट, लैपटॉप और स्मार्टफोन बांटे जा रहे है। जहां पर बेटियों को स्कूलों में कॉमन रूम की व्यवस्था की गई हैं। इसके साथ ही अलग से शौचालय की व्यवस्था की गई है। बेटियों को खेलकूद से जोड़ने के लिए मंगल दल की स्थापना की गई है।
51 हजार रु की मिलेगी राशि शादी के योग्य होने पर
उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा राज्य की बेटियों को बोर्ड परीक्षाओं शानदार प्रदर्शन करने पर 5 - 5 हजार रु की राशि दी जा रही है। वही, अगर हम टॉपर्स की बात करते है तो फिर उन्हें 20 हजार रु की राशि दी जा रही है। वहीं, बेटियों को मुफ्त शिक्षा तो दी ही जा रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिका के जन्म से ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई तक 15,000 रु का पैकेज भी दिया जा रहा है साथ ही जब बेटियां विवाह के योग्य हो जाती हैं। तब उन्हें मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 51,000 रु भी दिए जाते हैं।

कमजोर वर्ग की बेटियां आरोहिणी इनीशिएटिव से सक्षम हो रही
मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कमजोर वर्ग की बेटियों को आत्म निर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षा अभियान,एक एनजीओ के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के भीतर जो सभी 746 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय है। इनमें आरोहिणी इनीशिएटिव ट्रेनिंग कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार कमजोर वर्ग की बेटियों को सक्षम बनाने की कोशिश कर रही हैं।
आत्मरक्षा के गुर सीखेंगी राज्य की बेटियां
उत्तर प्रदेश में बेटियों को कम्पोजिट विद्यालयों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत ट्रेनिंग दी जा रही है। राज्य सरकार के द्वारा प्रदेश की बेटियों को आत्म रक्षा का गुण सीखाने का उद्देश्य
बालिकाओं को प्रशिक्षण के जरिए आत्मनिर्भर बनाना है।
राज्य सरकार दिलाएंगी बेटियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा राज्य की बेटियों को शिक्षा के साथ तो जोड़ा ही जा रहा है। इसके साथ ही कौशल विकास के साथ ही जोड़ा जा रहा है। इसके साथ बेटियों को स्कूल में ही व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। फिलहाल इसकी शुरुआत हो चुकी है और इसकी शुरुआत राज्य के कस्तूरबा बालिका विद्यालयों से की गई है। राज्य सरकार के द्वारा इस योजना के तहत राज्य की कुल 54 कस्तूरबा बालिका विद्यालयों को नोटिफाई किया गया है। इन कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में बेटियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें जो ट्रेनिंग पार्टनर संस्थाओं हैं। यह भी राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं।


Click it and Unblock the Notifications