
UP Govt : यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शनिवार से नया सत्र शुरू हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्कूल चलों अभियान की शुरुआत की। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर पांच छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाया और उनकी किताबें दी। अगर हम पिछले वर्षों की बात करते है, तो फिर इन स्कूलों में सत्र शुरू हो जाता था। जिसके 6 महीने बाद तक किताबें पहुंचती थी। पहली बार ऐसा है कि सत्र के पहले ही दिन इन स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के हाथों में किताबें पहुंचने लगी। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ इस मौके पर कहा है कि प्राचीन काल से ही यूपी शिक्षा और स्वास्थ्य का केंद्र बिंदु रहा हैं लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब ज्ञान और विज्ञान की जगह यह बीमारी और अव्यवस्था राज्य की पहचान बन गई थी लेकिन राज्य सरकार के द्वारा पिछले 6 वर्षों में कई सारे कदम उठाएं गए है। जिसका परिणाम हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। 1 जुलाई 2017 को स्कूल चलो अभियान की शुरू किया गया है। परिषदीय स्कूलों में जुलाई 2017 में 1.34 करोड़ बच्चे थे। आज यह संख्या बढ़ है और यह संख्या बढ़कर 1.92 करोड़ हो चुकी है।

बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 1.60 लाख शिक्षकों की तैनाती की है
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य के 1.56 लाख स्कूल में से 1.36 लाख को आपरेशन कायाकल्प में बुनियादी सुविधाओं के साथ स्मार्ट क्लास तक दे चुके है। जो 20 हजार स्कूल बचे हुए है। इन 20,000 स्कूल को इस सत्र में पूरा कर देंगे। सीएम ने कहा कि हमने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 1.60 लाख शिक्षकों की तैनाती की है। यह स्कूल चलो अभियान जो है। यह अभियान 1 महीने तक चलेगा।

आने वाले 1 से 2 महीने में डीबीटी से रु अकाउंट में पहुंच जाएंगे
मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से कहा गया है कि आने वाले 1 महीने से 2 महीने में डीबीटी से रूपये अकाउंट में पहुंच जाए। वक्त पर जिससे यूनिफॉर्म को खरीद सकें। सीएम योगी ने कहा इतना ही नहीं हम हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान को भी सुनिश्चित कर रहे हैं। कोशिश हो कि एक भी बच्चा आउट ऑफ स्कूल न हो उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा धन शत फीसदी साक्षरता ही होगा। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार की तरफ से कहा गया है कि हमारा लक्ष्य अगले 10 दिन दिनों में राज्य के एक एक स्कूल किताबों का वितरण पूरा करने का है।
विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान मुख्य मंत्री योगी ने शुरू किया
इस अवसर पर मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पेशल संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी शुरू किया। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से कहा गया है कि राज्य में अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग बीमारी आती है,जैसे पूर्वांचल के जिलों में मस्तिष्क ज्वर के वजह से कई बच्चे गुजर जाते थे। वहीं, वाराणसी के आस-पास कालाजार का प्रकोप रहता था। मुख्य मंत्री ने कहा हमने 1 अप्रैल 2018 को विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया। मुख्य मंत्री योगी ने कहा कि इसका परिणाम सामने है कि देश में उत्तर प्रदेश का मॉडल माना जा रहा है। अगर हम इंसेफेलाइटिस की बात करें, तो केवल बस्ती मंडल और गोरखपुर के भीतर में 40 वर्षों में 50,000 बच्चें गुजर गए थे। इसको आज पूरी तरह से नियंत्रिच किया जा चुका है।


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