
UP Govt : मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने जा रही है। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हो या लूटपाट इसका अब पूरा रिकॉर्ड रहेगा। इसके साथ ही ऐसी घटना होने पर कंट्रोल रूम से पुलिस को सतर्क भी किया जायेगा।
इसके लिए सरकार द्वारा सेफ सिटी में लगे सीसीटीवी कैमरों को स्मार्ट सिटी में बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम जोड़े जाएंगे।
केंद्र सरकार के द्वारा उत्तर प्रदेश में दस और प्रदेश सरकार के द्वारा सार शहरों को स्मार्ट सिटी बना रही है। सरकार के द्वारा इन्हीं सिटी में महिलाओं के लिए सेफ सिटी बनाया जा रहा है। इन शहरों में सेफ सिटी के तहत जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इन कैमरों की सहायता से महिलाओं की सुरक्षा पर नजर रखी जाती है। इसके साथ ही उनके साथ होने वाली घटनाओं के दोषियों पर कार्यवाही की जाती है।
सीसीटीवी कैमरों की सीधे मानीटरिंग के लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है लेकिन अब सीसीटीवी कैमरों की सीधे मानीटरिंग स्मार्ट सिटी परियोजना में बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम की जाएगी यानी इसको स्मार्ट सिटी परियोजना में बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा।
जिससे इस सीसीटीवी कैमरों की पूरी रिकार्डिंग रखी जा सके और इसका आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सकें। नगर विकास विभाग और गृह विभाग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इस बैठक में इसको लेकर सहमति बन गई है।
अगर हम पहले चरण की बात करें, तो फिर पहले चरण में कानपुर और लखनऊ में यह कार्य हो चुका हैं। अब इसे प्रयागराज, अलीगढ़, शाहजहांपुर, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, मुरादाबाद, अयोध्या, बरेली, झांसी, सहारनपुर, फिरोजाबाद, मेरठ, मथुरा-वृंदावन व गाजियाबाद में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
इस संबंध में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने पत्र भेज दिया है। इस पत्र में कहा गया है कि सीसीटीवी संसाधानों के डेटा संग्रहण का कार्य को पूरा करते हुए सीसीटीवी इंटीग्रेशन की कार्यवाही पूरी की जाएगी।
इसमें जो निकाय के सहयोगी है वह भी मदद करेंगे। इस कार्य को 2 महीने में पूरा किया जायेगा। आवश्यकता होने पर इसमें निकाय के अधिकारी से सहायता ली जाएगी।


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