
UP Sewage Treatment Plant : उत्तर प्रदेश सरकार कई जन कल्याण योजनाओं के साथ-साथ ऐसी योजनाओं पर भी काम कर रही है, जो राज्य के शहरों को चमकाएं। इन्हीं में से एक योजना के तहत के यूपी के शहरों में नाला या सीवर को खुला नहीं छोड़ा जाएगा। साथ ही गंदे पानी के तालाब को खत्म किया जाएगा। उन्हें साफ सुथरा किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने एक नया प्लान बनाया है। ये प्लान हर उस शहर के लिए होगा, जिसकी आबादी 1 लाख से अधिक है।
स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा
1 लाख से ज्यादा आबादी वाले यूपी के हर शहर के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लान तैयार होगा। यह प्लान केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा है। राज्य सरकार का प्लान है कि 70 फीसदी आबादी को सीवेज निस्तारण संयंत्र की बेहतर व्यवस्था दी जाए। इससे गंदगी को खत्म किया जाएगा। यूपी सरकार राज्य की 160 शहरी निकायों के लिए सिटी सैनिटेशन प्लान को मंजूर कर चुकी है। सीवर की गंदगी की समस्या राज्य की बड़ी आबादी के सामने है। अब इससे उन्हें मुक्ति दिलाई जाएगी।

चल रही तैयारियां
शहरी सफाई अभियान पर काम चल रहा है। इस काम में कितना खर्च आएगा, उसका भी अनुमान लगाया जा रहा है। नये प्लान के तहत गलियों और सड़कों में जो नालें बंद हैं, उनके वेस्टेज को सीधे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इसी का एक्शन प्लान बनाया जा रहा है।

इन शहरों पर खास फोकस
घनी आबादी वाले शहरों के साथ-साथ कानपुर, लखनऊ, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और प्रयागराज में सीवेज ट्रीटमेंज प्लांट तैयार किये जाएंगे और अपग्रेड भी किया जाएगा। इन प्लांट्स में सेप्टिक टैंक और पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस काम के लिए पैसा राज्य सरकार, स्थानीय नगरपालिका और 15वें वित्त आयोग के तहत हासिल करेगी। सरकार इस कार्यक्रम के जरिए स्वच्छ पेयजल अभियान को भी बढ़ावा देना चाहती है। यूपी सरकार राज्य के 80 लाख से ज्यादा घरों में पाइपलाइन से पानी पहुंचा रही है। ये काम हर घर नल योजना के तहत किया गया है। हर घर नल योजना केंद्र सरकार की योजना है। जिन राज्यों ने इसे बड़े पैमाने पर लागू किया है, उनमें उत्तर प्रदेश काफी आगे है।


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