
UP Govt Scheme : उत्तर प्रदेश वस्त्र उद्योग के मामले में बहुत आगे रहा है। राज्य के कई जिले और शहर कपड़ों के लिए बेहद संपन्न माने जाते हैं। अब इस इंडस्ट्री को और बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक नये प्लान का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यूपी को टेक्सटाइल इंडस्ट्री के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाने के टार्गेट पर काम कर रहे हैं। सरकार ने इस इंडस्ट्री के मद्देनजर जो पॉलिसी तैयारी की है, उससे काफी निवेशक भी राज्य की ओर आकर्षित हुए हैं। कपड़ा उद्योग ने इस मामले में काफी बढ़त बनाई है। राज्य को टेक्सटाइल सेक्टर के मामले में ग्लोबल हब बनाने के लिए राज्य की क्या तैयारी है, आगे जानते हैं।
बनेगा 1000 एकड़ का हब
यूपी सरकार पीएम मित्र योजना के तहत करीब 1000 एकड़ का टेक्सटाइल पार्क बनाएगी। ये टेक्सटाइल पार्क हरदोई एवं लखनऊ की सीमा पर तैयार होगा। इससे सीएम योगी के राज्य को टेक्सटाइल सेक्टर के मामले में ग्लोबल हब बनाने में काफी मदद मिलेगी।

लोगों को मिलता है भरपूर रोजगार
वस्त्र उद्योग को काफी संभावनाओं और अवसरों का क्षेत्र माना जाता है। इन्वेस्ट इंडिया की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार इस सेक्टर में निवेश के लिहाज से हर करोड़ रु पर 70 लोग रोजगार हासिल कर लेते हैं। यानी 100 करोड़ रु के निवेश पर 7000 लोगों को रोजगार मिलेगा। मालूम हो कि पिछले साल राज्य में भाजपा ने लगातार दूसरी बार अपनी सरकार बनाई थी। इसने तब अपना संकल्पपत्र-2022 जारी किया था, जिसमें 'हर परिवार-एक रोजगार' का लक्ष्य रखा गया था। उसी संकल्पपत्र में राज्य को 'टेक्सटाइल हब' बनाने का टार्गेट रखा गया था।

7500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य
रोजगार को बढ़ावा देने और राज्य को टेक्सटाइल हब बनाने के लिहाज से इस नये टेक्सटाइल पार्क की अहमियत काफी अधिक है। बताते चलें कि राज्य के हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग ने 5 साल में 5 लाख रोजगार पैदा करने का भी टार्गेट रखा है। इसके लिए 7500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यूपी वस्त्र उद्योग का गढ़ है। यहां शानदार कामगारों की कमी नहीं है। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो वाराणसी की साड़ियां, भदोही की कालीन और चिकनकारी (लखनऊ) बेहद मशहूर हैं। इसके अलवाा जरी जरदोजी (बरेली) और रेडीमेड गारमेंट्स (नोएडा) अलग पहचान बना चुके हैं।


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