
UP Govt : पिछले 5 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निवेशकों ने काफी अधिक रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन तक पहुंचाना है। इसके लिए वे दुनिया भर से निवेश को यूपी में लाने को जुटे हुए है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूपी में जो निवेश आए है। इस निवेश में लगभग 17 हजार करोड़ रु का निवेश यमुना प्राधिकरण के जरिए कई सारे अहम प्रोजेक्ट में होगा।

2,63,895 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई थी
अधिकारियों का दावा है कि खासतौर पर उत्तर प्रदेश के नोएडा में इन्वेस्टमेंट की जिस तरह संभावनाएं जगी है। इससे आने वाले दिनों में लगभग 2.5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने का रास्ता खुलेगा। वाईईआईडीए के मुताबिक, बोर्ड की तरफ से घोषणा की गई थी। कि उसने वर्ष 2021 में तैयार की गई उत्तर प्रदेश सरकार की संशोधित डेटा सेंटर नीति है। इस नीति को अपनाया है। डेटा केंद्रों में स्थानीय नीति लाना है। इसके लिए सीईओ को अधिकृत करने का फैसला लिया गया है। हाल ही में ईडा की तरफ में जारी किए गए बयान में कहा गया था। कि शीघ्र ही नोएडा में एक डेटा सेंटर खोलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए जो तैयारियां है। काफी जोरो से चल रही है। प्राधिकरण ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में 112 औद्योगिक प्लाट आवंटित किया था और वही, अगर हम निवेशकों की बात करते है, तो फिर उनको 2,63,895 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई थी।
प्राधिकरण की तरफ से नियम तय किया गया किसानों के मुआवजे को लेकर
एक बयान में कहा कि प्राधिकरण इसके साथ कई सारी स्कीम भी चला रही है। जिसमें कई सारी चीजें शामिल है जैसे होटल इंडस्ट्री, इंटरनेशनल फिल्म सिटी आदि। इतना ही नहीं इसके साथ ही इलाके में जो कंपनियां आ रही है। इनको ध्यान में रखते हुए यह पर पेट्रोल पम्पों की भी स्थापना कराई जाएगी। किसानों से जो जमीन ली जा रही है इस जमीन के मुआवजे को लेकर ईडा की तरफ से अपने बयान में कहा गया है कि सरकार की तरफ से यह तय किया गया है कि जो एक्स्ट्रा मुआवजा है। यह मूल गुजर जाने वाले के वारिसों को वितरित किया जाएगा।

देना होगा हलफनामा अलग अलग अकाउंट में पैसा लेने के लिए
इसका मतलब यह है कि अगर कोई वारिस है। जो अतिरक्ति मुआवजा किन्हीं वजह से सयुक्त बैंक खाते में नही लेना चाहता है, तो फिर इसके लिए जो वारिस है इसको तहसील से शेयर प्रमाण पत्र लेना होगा। इसके बाद दिए बैंक अकाउंट में अलग-अलग अनुपात में मुआवजे को बांटा जाएगा।
रोजगार की संभावना बढ़ेंगी नोएडा में
अधिकारियों के अनुसार, यह ने प्राधिकरण हैं। यह दिल्ली और यूपी के अन्य प्रमुख शहरों के पास स्थित है। यही वजह है कि यह आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देकर जो स्थानीय गतिविधि है। इस गतिविधि को बढ़ाने की कवायद शुरू की गई है। हालांकि अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि इससे बहुत जरूरी बात यह है कि जब यह आर्थिक गतिविधियां में इजाफा होगा। तब यह पर विभिन्न स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
इसका फायदा आस-पास के लोगों को मिलेगा।


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