UP Government Giving Subsidy On Corn Production: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए तोहफा देने का ऐलान किया है। मोटे और श्री अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों के लिए सब्सिडी योजना लेकर आई है। आइए आपको इसकी सारी डिटेल बताते हैं।

मोटे अनाज की हो रही है अधिक खेती
मोटे अनाजों की बढ़ती मांग और सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता प्राप्त करके किसानों का रुझान भी मोटे अनाजों की खेती की तरफ बढ़ रहा है। सरकार द्वारा श्रीअन्न की खेती के लिए किसानों को मुफ्त में बीज दिए जा रहे हैं। सरकार द्वारा श्रीअन्न की खेती के लिए किसानों को मुफ्त में बीज दिए जा रहे हैं। वहीं मक्के की खेती के लिए बीज 50 फीसदी सब्सिडी पर दिए जा रहे हैं।
पॉप कार्न मशीन की भी दे रही है सुविधा
इतना ही नहीं सरकार द्वारा मक्के की खेती बढ़ाने के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लोगों को पाप कॉर्न मशीन भी दे रही है, जिसके लिए सरकार द्वारा कई जिलों में खरीद केंद्रों का निर्माण किया गया है।
आंकड़ो में मिली ये जानकारी
यूपी में कृषि सरकारी खरीद के आंकड़ों के अनुसा, मोटे अनाज में बाजरा की खरीद में जबरदस्त उछाल आया है. बाजरा की खरीफ सीजन 2022-23 में 8532 किसानों ने 43,438 मीट्रिक टन बाजरा बेचा था. जबकि 2023-24 में किसानों ने पिछले सीजन की तुलना में लगभग 7 गुना इजाफा दर्ज करते हुए 3.43 लाख मीट्रिक टन बाजरा बेचा था।
मिट्टी की सेहत का भी रख रही है सरकार ध्यान
मिट्टी की सेहत में सुधार लाने के लिए सरकार मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की शुरुआत की है और इस योजना के अनुसार, मिट्टी में नाइट्रोजन एवं पोषक तत्वों की कमी पाई जाने के बाद मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए किसानों की सहायता की जा रही है। इस योजना की मदद से किसानों के लिए जागरूकता अभियान भी शुरु किया जा रहा है।
इसके लिए भी मिलती है 50 फीसदी सब्सिडी
आम की बागवानी को बढ़ावा देने के लिए भी यूपी सरकार राज्य के किसानों को सब्सिडी दे रही है। इस सब्सिडी योजना के तहत किसानों को आम की बागवानी करने के लिए 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। आम की खेती के लिए बोर्ड की तरफ से जो प्रोजेक्ट कॉस्ट रखा गया है, इसके तहत आम की बागवानी करने वाले किसानों को खर्च की राशि की प्रति इकाई अधिकतम सीमा 12,550 तय की गई है।
इसके अलावा राज्य में बकरी पालने को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को 10 से 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। अगर आप 50 लाख रुपये की सब्सिडी का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको 500 बकरियां पालनी होंगी और इसके लिए आपको प्रोजेक्ट में 25 बीजू बकरियां भी रखनी होंगी। 500 बकरियों और 25 बीजू बकरियों के पालन की परियोजना लागत 1 करोड़ रुपये तय की गई है।
इस पर आप 50 प्रतिशत यानी 50 लाख रुपये की सब्सिडी का फायदा आपको मिल जाएगा। बकरी पालन करने पर सरकारी और निजी बैंक की तरफ से लोन भी दिया जा रहा है ताकि कम लागत में ही बकरी पालन का व्यवसाय शुरू किया जा सके।


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