
UP : राज्य में स्कूल, कॉलेज या कोचिंग सेंटर बड़े हो या फिर छोटे हो। अब उन्हें फायर सेफ्टी के साथ कुछ मूल भूत सुविधाओं का इंतजाम करना जरूरी होगा।
मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार अब जल्द ही स्कूल-कॉलेजों और कोचिंग सेंटर्स के साथ अब घर पर चल रही कोचिंग सेंटरों में भी फायर सेफ्टी की व्यवस्था करना अनिवार्य करने जा रही है।
जल्द ही इसके लिए भवन निर्माण उपविधि में संशोधन करते हुए प्रस्ताव को कैबिनेट से पास कराया जायेगा। विकास प्राधिकरण के द्वारा भवन निर्माण उपविधि में दी गई व्यवस्था के आधार पर नक्शा पास करते है।
आवास विभाग के द्वारा मौजूदा आवश्यकता के आधार पर इसमें प्रावधान करने जा रहा है, जिससे सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा सके और घटनाओं को कम किया जा सके।
हाल ही में आवास विकास के उच्चाधिकारियों की इसको लेकर चर्चा हुई थी। इसमें यह तय किया गया था कि आवश्यकता के आधार पर इसमें बदलाव किया जाए। इसके लिए मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक द्वारा परीक्षण करते हुए प्रस्ताव को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
खास तौर पर ऐसे स्थान जहां पर लोगों का आना जाना काफी अधिक है। ऐसे जगह में आग की रोकथाम की अनिवार्यता है। जैसे रेस्टोरेंट, होटल, स्कूल, बड़े कोचिंग सेंटर आदि।
मगर घरों या छोटे-मोटे कांप्लेक्सों में यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन अब इसको घर या छोटे-मोटे कांप्लेक्सों में भी अनिवार्य किया जा रहा है।
इतना ही नहीं इसके साथ ही मानक संचालन प्रक्रिया भी बनाई जा रही है। इसको राज्य के सभी विकास प्राधिकरणों को भेजा जाएगा। इसमें यह बताया जाएगा कि घर का नक्शा पास करते वक्त इसका पालन कराया जायेगा।
अभी तक विकास प्राधिकरणों के पास अभी कोई मानक संचालन प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के मानक है इसका पालन कराया जाता है।


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