
UP : उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अफसरों के साथ बैठक की और इस बैठक में सीएम योगी ने शासन की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में सीएम योगी ने कहा कि तहसीलों की कार्यप्रणाली में बड़े सुधार की जरूरत है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर कठोर प्रयत्न करना होगा। सभी शिकायतों और परेशानियों का निस्तारण एक समय सीमा के भीतर करना चाहिए। इसके साथ ही डिजिटाइजेशन को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि वरासत और उत्तराकारी से जुड़े प्रकरण को अनावश्यक लंबित नही किया जाना चाहिए। सीएम ने कहा कि आम लोगों की अपेक्षाओं का ध्यान रखते हुए तहसील प्रणाली में सुधार के लिए विस्तृत रूप से कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने कहा कि वरासत, स्वामित्व और घरौनी जैसे कार्यक्रमों ने आम लोगों को बड़ी सुविधा प्रदान करने में सफलता प्राप्त की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी तक 56.16 लाख से ज्यादा ग्रामीण को घरौनी वितरित की जा चुकी है।
केवल 15 राजस्व गावों में सर्वेक्षण का कार्य शेष रह गया है, इसको यथा शक्ति के साथ पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि इस वर्ष के आखरी तक सभी पात्र ग्रामीणों को उनके घरों का मालिकाना हक देने वाला घरौनी मिल जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ सेवाओं को और बेहतर बनाने और स्वास्थ को सेवा गांवों में सहजता से उपलब्धता के लिए टेलीकन्सल्टेशन और हेल्थ एटीएम की सुविधाओं को बढ़ाया जाए।
इससे बीमारी की स्थिति में रिमोट एरिया में आसानी से लोगों को एक बेहतर डॉक्टर का परामर्श मिल सकेगा। उन्होंने कहा हेल्थ एटीएम के लिए बेहतर और प्रशिक्षित मैनपॉवर तैनात किया जाए। टेलीकन्सल्टेशन सेवा को विस्तार देते हुए इसके बारे में आम लोगों को जागरूक किया जाए।
बैठक में राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, महिला कल्याण बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्या, परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह एवं राज्य मंत्री राजस्व अनूप प्रधान उपस्थित रहे।


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