Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज, 1 फरवरी रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करेंगी। केंद्रीय बजट 2026 पेश करने के साथ वित्त मंत्री सीतारमण के नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। दरअसल, वित्त मंत्री सीतारमण लगातार नौवीं बार संसद में यूनियन बजट पेश करेंगी।

इसके साथ सीतारमण आजाद भारत की सबसे लंबे समय तक निर्बाध रूप से सेवा देने वाली वित्त मंत्री बन जाएंगी। उन्होंने 31 मई, 2019 को बतौर वित्त मंत्री पदभार संभाला था और 31 जनवरी, 2026 तक उनका कार्यकाल 6 साल 8 महीने का हो गया।
पीएम मोदी ने बजट से पहले इस उपलब्धि का किया जिक्र
अपने कार्यकाल में वित्त मंत्री सीतारमण ने देश की अर्थव्यवस्था को कई मुश्किल हालातों से सफलतापूर्वक उबारा है। इनमें कोविड-19 महामारी, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता प्रमुख थीं। उनके कुशल नेतृत्व में, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में एक बना हुआ है, जो उनकी आर्थिक नीतियों की सफलता दर्शाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बजट सत्र से पहले इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सीतारमण का नौवीं बार लगातार बजट पेश करना 'भारत के संसदीय इतिहास' में दर्ज होगा। इससे पहले मोरारजी देसाई (10 बार) और पी. चिदंबरम (9 बार) ने अधिक बजट पेश किए हैं, लेकिन किसी ने भी इतनी बार लगातार यह गौरव हासिल नहीं किया था।
कौन-कौन सबसे लंबे समय तक रहे देश के वित्त मंत्री
भारत के सबसे लंबे समय तक वित्त मंत्री रहे लोगों में सीडी देशमुख भी प्रमुख हैं। उन्होंने 1 जून, 1950 से लगातार छह साल दो महीने सेवा दी। डॉ. मनमोहन सिंह 1990-1996 के बीच लगभग 5 साल इस पद पर रहे। फिर, 2008 व 2012 में प्रधानमंत्री रहते हुए, उन्होंने थोड़े समय के लिए वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था।
पी. चिदंबरम का कुल वित्त मंत्री कार्यकाल आठ साल रहा, पर उन्होंने यह जिम्मेदारी चार अलग-अलग कार्यकालों में निभाई। मोरारजी देसाई ने बतौर वित्त मंत्री लगभग सात साल नौ महीने कार्य किया। प्रणब मुखर्जी (6 साल 4 महीने), अरुण जेटली (4 साल 8 महीने), और यशवंत सिन्हा (4 साल 4 महीने) अन्य प्रमुख वित्त मंत्रियों में थे। आजाद भारत के पहले वित्त मंत्री आर.के. शणमुखम चेट्टी थे।


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