Budget 2025: 1 फरवरी को अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उड़ान योजना के तहत 120 शहरों को जोड़ने का प्लान किया है। इस पहल का लक्ष्य अगले दशक में पूरे भारत में 120 नए हवाई अड्डे स्थापित करना है। इस योजना से लगभग 40 मिलियन यात्रियों के लिए हवाई यात्रा से जुड़ने की उम्मीद है।

कब शुरु हुई थी उड़ान योजना?
21 अक्टूबर 2016 को शुरू की गई उड़ान योजना एक क्षेत्रीय संपर्क योजना है। इस योजना के तहत उन क्षेत्रों को हवाई यात्रा से जोड़ा जाएगा जहां ऐसी सुविधाएं नहीं हैं। केंद्र सरकार इसे प्रधानमंत्री मोदी के आम नागरिकों को उड़ान भरने में सक्षम बनाने के दृष्टिकोण के साथ जोड़ती है। इसका स्लोगन "उड़े देश का आम नागरिक" है।
उड़ान योजना से होगा देश का विकास
इसकी शुरुआती सफलता के बाद, उड़ान योजना के लिए एक संशोधित योजना पेश की जाएगी। इस विस्तार में पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में छोटे हवाई अड्डों और हेलीपैड का निर्माण शामिल होगा, जिससे हवाई यात्रा के अवसरों में और वृद्धि होगी। साल 2016 में इसकी शुरुआत के बाद से, नए विमानों की संख्या में वृद्धि हुई है, और आगे भी योजना के साथ विकास जारी रहने की संभावना है।
उड़ान योजना के कारण अलग-अलग विमान मॉडलों की मांग में उछाल आया है। खास मॉडलों में एटीआर 42, बोइंग 737, एयरबस 320/321, एम्ब्रेयर 145 और एम्ब्रेयर 175 शामिल हैं। योजना के विस्तार से इन विमानों की संख्या में और भी अधिक बढ़त हो सकती है।भ
इस साल का बजट सीतारमण द्वारा लगातार आठवां पेश किया गया बजट है। इसमें आम लोगों, किसानों, महिलाओं और बच्चों के लिए कई घोषणाएं की हैं और ऐसे में उड़ान योजना से जुड़े ऐलान भी किए है। हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और आर्थिक लक्ष्यों के साथ मेल खाती है। केंद्र सरकार का कहना है कि उड़ान योजना पीएम मोदी के विजन से जुड़ी है।


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