केंद्र सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल सभी केंद्रीय कर्मचारियों को एक बड़ी राहत दी है। अब UPS के तहत आने वाले कर्मचारी भी सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) और मृत्यु (डेथ) के समय पुरानी पेंशन योजना (OPS) के अंतर्गत मिलने वाले ग्रैच्युटी फायदा के हकदार होंगे। यह कदम सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

सरकार ने समझी कर्मचारियों की मांग
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के बीच यह मांग काफी समय से उठ रही थी कि उन्हें भी OPS की तरह ग्रैच्युटी फायदा मिलने चाहिए, ताकि रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा तय हो सके।
सरकार ने यह समझा कि एनपीएस (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का स्तर OPS के बराबर नहीं था। इसी असमानता को दूर करने के लिए अब UPS को अधिक मजबूत और लाभकारी बनाया जा रहा है।
ग्रैच्युटी फायदे की पूरी जानकारी
सरकार के इस नए आदेश के अनुसार, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल सभी कर्मचारी अब 2021 के केंद्रीय सिविल सेवा ग्रैच्युटी नियमों के तहत ग्रैच्युटी पाने के ऐलिजिबील होंगे। यानी, अगर किसी कर्मचारी की सर्विस के दौरान मृत्यु हो जाती है, या उसे गंभीर बीमारी या विकलांगता के कारण सेवा से हटाया जाता है, तो उसे या उसके परिवार को ग्रैच्युटी का फायदा मिलेगा। यह फायदा अधिकतम 25 लाख रुपए तक हो सकता है, जो पहले केवल OPS या विशेष NPS स्थितियों में ही संभव था।
सर्विस के दौरान मृत्यु पर OPS का विकल्प
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि UPS के कर्मचारी, यदि सेवा के दौरान उनकी मृत्यु होती है, तो उन्हें OPS के दायरे में लाने का विकल्प दिया जा सकता है। इसका मतलब है कि उनके परिवार को OPS जैसी पेंशन और अन्य लाभ मिल सकेंगे।
कार्मिक मंत्रालय के सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि यह बदलाव कर्मचारियों की ओर से आ रही लगातार मांगों और स्पष्टीकरण की जरूरत को देखते हुए किया गया है। यह फैसला प्रगतिशील और कर्मचारी-हितैषी है।
NPS बनाम UPS कर्मचारियों की सोच में बदलाव
अब तक NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों में असमंजस था कि UPS एक मजबूत विकल्प है या नहीं। लेकिन इस ताज़ा फैसले से यह साफ हो गया है कि UPS में भी वो सभी फायदे शामिल किए जा रहे हैं जो OPS में मिलते थे। इससे भविष्य में सरकारी नौकरी में आने वाले नए कर्मचारी भी UPS को चुनने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।
अखिल भारतीय NPS कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह निर्णय लाखों कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत करेगा और UPS को एक भरोसेमंद पेंशन मॉडल बनाएगा।
1 अप्रैल 2025 से लागू हुआ ये नया विकल्प
वित्त मंत्रालय की ओर से जनवरी 2025 में जारी अधिसूचना के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से केंद्र सरकार की सिविल सेवाओं में भर्ती होने वाले नए कर्मचारी NPS के साथ-साथ UPS का विकल्प भी चुन सकेंगे। इससे सरकारी सर्विस में आने वाले युवाओं को अपनी पसंद के अनुसार पेंशन योजना चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी।
केंद्र सरकार का यह फैसला UPS को एक मजबूत और लाभकारी पेंशन योजना के रूप में स्थापित करता है। इससे न केवल कर्मचारियों को OPS जैसे फायदे मिलेंगे, बल्कि उनके मन में भविष्य को लेकर भी विश्वास पैदा होगा। यह कदम सरकार की उस सोच को भी दिखाता है, जिसमें वह प्रत्येक कर्मचारी की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देती है।
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