नयी दिल्ली। भारत में बेरोजगारी काबू में नहीं आ रही है। फरवरी में देश में बेरोजगारी पिछले 4 महीनों में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच गयी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में भारत की बेरोजगारी दर बढ़ कर 7.78 फीसदी हो गई, जो अक्टूबर 2019 के बाद सबसे अधिक है, जो अर्थव्यवस्था में मंदी के प्रभाव को दर्शाता है। जनवरी में बेरोजगारी दर 7.16 फीसदी रही थी। 2019 के अंतिम तीन महीनों में भारत की अर्थव्यवस्था 6 साल से अधिक समय में सबसे धीमी गति से बढ़ी थी। यानी भारत की विकास दर 6 सालों से भी अधिक समय के निचले स्तर पर पहुँच गयी। अब विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि वैश्विक स्तर पर फैल रहे कोरोनोवायरस से एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में और मंदी आ सकती है।

कैसा रहा ग्रामीण क्षेत्रों का हाल
बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ी है। फरवरी में ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर बढ़ कर 7.37 फीसदी हो गई, जो जनवरी में 5.97 फीसदी रही थी। वहीं शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी कम हुई है। शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 9.70 फीसदी से गिर कर 8.65 फीसदी रह गयी।
फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में घटा
बेरोजगारी के अलावा मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के आंकड़े भी सामने आये हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों की गति जनवरी के मुकाबले फरवरी महीने में सुस्त हो गयी। आईएचएस का मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स या पीएमआई जनवरी में 55.3 के स्तर से फरवरी में गिर कर 54.5 पर आ गया। दरअसल कोरोनावायरस चीन से बाहर कई देशों में फैल रहा है, जिससे ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके चलते दूसरे देशों से फरवरी में मांग कम रही है।
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