नई दिल्ली, अगस्त 10। दोपहिया वाहन चलाते समय बहुत से नियमों का पालन करना जरूरी है। इनमें हेलमेट पहनना सबसे जरूरी है। सबसे अहम चीज है वाहन चालन की सिक्योरिटी। यह उसकी सुरक्षा करता है। दूसरी चीज है कि यदि हेलमेट न हो तो चालान कट सकता है। हेलमेट ट्रैफिक चालान से भी बचाता है। देखा यह भी जाता है कि हेलमेट पहने हुए व्यक्ति को ट्रैफिक पुलिस कमी से रोकती है। मगर क्या आप जानते हैं कि केवल हेलमेट पहनना काफी नहीं है। बल्कि हेलमेट से जुड़े भी कुछ नियम हैं। इन नियमों को पूरा करना जरूरी है। आगे जानिए क्या हैं ये नियम।
लग सकता है जुर्माना
जिन नियमों का पालन करना जरूरी है यदि आप उन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इनमें हेलमेट को लेकर नियम यह है कि आप हेलमेट कैसा दिखे, कैसा हो आदि। इसके लिए सरकार ने नियम तय किए हुए हैं। सही हेलमेट ही आपको चालान से बचाएगा।
किस तरह पहने हेलमेंट
नियमों के अनुसार हेलमेट ऐसी सामग्री से बना हो कि यह दुर्घटना की स्थिति में चोट से अधिकतम सुरक्षा प्रदान करे। इसका इस तरह से बनाया जाना भी जरूरी है कि यह आपको सुरक्षा दे। चालक को सिर पर ठीक से हेलमेट पहनना जरूरी है। यानी आपके लिए जरूरी है कि इसका पट्टा भी बांधें। सिर्फ सिर पर हेलमेट रखना काफी नहीं है।
ये हैं बाकी नियम
हेलमेट का वजन 1.2 किलो तक हो और उसमें हाई क्वालिटी वाले फोम का उपयोग होना चाहिए। इसकी मोटाई कम से कम 20-25 मिमी हो। एक और बात कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, सभी हेलमेटों पर आईएसआई का मार्क होना जरूरी है। बिना आईएसआई मार्क वाला हेलमेट पहनना और बेचना दोनों काम कानूनी अपराध हैं।
इन बातों का भी रखें ध्यान
हेलमेट में आंखों का भी ध्यान रखना है। यानी इसमें पारदर्शी कवर का इस्तेमाल करना जरूरी है। हेलमेट के लिए बीआईएस सर्टिफिकेट होना भी जरूरी है। अंतिम बात कि यदि आप अवैध हेलमेट का उपयोग करते हुए पकड़े गए या इससे संबंधित किसी अन्य निर्देश का पालन करने में विफल रहे तो आपका हेलमेट जब्त किया जा सकता है।
इसलिए भी कट रहे चालान
दिल्ली सरकार ऐसे लोगों को मैसेज भेज रही है जिनके पास अपनी कारों पर प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं है। नोटिस में कार मालिकों को प्रदूषण प्रमाण पत्र जमा करने या जुर्माना भरने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार मुताबिक दिल्ली में 1.7 करोड़ कारें ऐसी हैं, जिनके पास प्रदूषण सर्टिफिकेट ही नहीं है। जिनके पास प्रदूषण सर्टिफिकेट ही नहीं है उनमें 13 लाख दोपहिया और 30 लाख कारें शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार 14,000 कार मालिकों ने एक टेक्स्ट मैसेज भेजकर अपनी कार के लिए प्रदूषण प्रमाण पत्र प्राप्त करने या भारी जुर्माना भरने के लिए कहा है। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में 2-3 महीने बाद प्रदूषण शुरू हो जाएगा। ऐसे मामले में सभी वाहन मालिकों को जनरेटेड प्रदूषण का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कहा जाता है। हालांकि, सड़कों पर नहीं चलने वाली कारों को छोड़ने का कानूनी प्रावधान है।


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