भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े सैन्य तनाव और आतंकवादी हमले के बाद तुर्की के पाकिस्तान के पक्ष में दिए गए बयानों से भारत में नाराज़गी बढ़ गई है। इसी के चलते देश में तुर्की प्रोडक्टस और ब्रांड्स के खिलाफ बहिष्कार की लहर तेज़ हो गई है।
इस माहौल में देश की दो बड़ी ऑनलाइन फैशन कंपनियों मिंत्रा और रिलायंस के ओनरशिप वाली आजियो ने तुर्की के गारमेंट्स ब्रांड्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।

मिंत्रा ने तुर्की ब्रांड्स की बिक्री पर लगाई रोक
ई-कॉमर्स फैशन मार्केट में लिडिंग मिंत्रा ने तुर्की के प्रमुख ब्रांड्स की बिक्री फिलहाल रोक दी है। कंपनी ने ट्रेंडयोल सहित सभी तुर्की फैशन ब्रांड्स को अपनी वेबसाइट और ऐप से हटा दिया है। ट्रेंडयोल तुर्की की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक है और भारत में यह महिलाओं के वेस्टर्न वियर कैटेगरी में सबसे तेजी से उभरने वाले ब्रांड्स में गिना जाता था।
टीवी 9 की रिपोर्ट के अनुसार, मिंत्रा ने पहले इन ब्रांड्स की वेबसाइट पर विजिबिलिटी कम की और फिर कुछ ही दिनों में पूरी तरह से उन्हें हटाने का फैसला किया। फिलहाल कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि कंपनी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ रिश्तों की समीक्षा कर रही है।
रिलायंस का बड़ा कदम आजियो से हटाए तुर्की ब्रांड्स
दूसरी तरफ रिलायंस रिटेल ने भी तुर्की के पसंदीदा फैशन ब्रांड्स जैसे कोटन, मावी और एलसी वाइकिकी को अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म आजियो से हटा दिया है। अब ये ब्रांड्स 'आउट ऑफ स्टॉक' दिख रहे हैं, और कंपनी ने इस दिशा में स्पष्ट कदम उठाए हैं। रिलायंस के एक प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय हित उसके लिए सर्वोपरि है और कंपनी उसी के अनुरूप काम कर रही है।
रिलायंस ने पहले तुर्की की कपड़ा कंपनी किवांक टेक्सटाइल के साथ मिलकर एक साझेदारी की थी, लेकिन कंपनी का कहना है कि यह सहयोग बहुत पहले ही समाप्त हो चुका है और अब उसका कोई खास कारोबारी संबंध तुर्की से नहीं है।
कैट का आह्वान तुर्की और अज़रबैजान से व्यापार बंद करें
अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) ने इस घटनाक्रम के बाद एक बड़ा ऐलान किया है। संगठन ने तुर्की और अज़रबैजान के साथ सभी व्यापारिक संबंधों को समाप्त करने की अपील की है। कैट ने स्पष्ट कहा है कि व्यापारी अब इन देशों से किसी भी तरह की वस्तुएं आयात नहीं करेंगे चाहे वे कपड़े हों, सजावटी सामान हों या अन्य लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स।
इसके अलावा कैट ने यह भी निर्णय लिया है कि तुर्की और अज़रबैजान में शूट की गई भारतीय फिल्मों का देशव्यापी बहिष्कार किया जाएगा। संगठन ने कंपनियों से अपील की है कि वे इन देशों में जाकर कोई विज्ञापन या प्रचार भी न शूट करें।
सरकार से की गई नीति समीक्षा की मांग
कैट और अन्य व्यापारी संगठनों ने भारत सरकार से यह भी आग्रह किया है कि वह तुर्की और अज़रबैजान के साथ सभी व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों की नीति स्तर पर समीक्षा करे। व्यापारी समुदाय ने वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को ज्ञापन सौंपने की भी योजना बनाई है।


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