Turkey Support For Pakistan: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच, तुर्की का एक C-130E सैन्य विमान जब पाकिस्तान में उतरा, तो इसको लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगीं। ऐसे भी अटकलें सामने आई हैं कि तुर्की पाकिस्तान को किसी तरह की सैन्य मदद भेज रहा है। लेकिन जब यह मामला चर्चा में आया, तो तुर्की सरकार ने सफाई दी कि यह विमान सिर्फ रीफ्यूलिंग के लिए पाकिस्तान में उतरा था और इसका कोई और मकसद नहीं था।

इस घटना के अलावा भी कई बार ऐसा हुआ है जब तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया है। वहीं दूसरी ओर, तुर्की की Turkish Airlines और भारत की सबसे बड़ी पैसेंजर एयरलाइन IndiGo के बीच एक अहम कोडशेयर पैक्ट भी किया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने 22 अप्रैल को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन से मुलाकात के दौरान एक बार फिर 'कश्मीर मुद्दा' उठाया था। यह बैठक उस समय हुई जब कश्मीर के पहलगाम में एक भयानक आतंकी हमला भी हुआ था।
क्या है IndiGo-तुर्की कोडशेयर पैक्ट?
IndiGo और Turkish Airlines के बीच हुआ कोडशेयर पैक्ट एक ऐसा एग्रीमेंट है, जिसमें दोनों एयरलाइंस एक-दूसरे की उड़ानों पर अपना फ्लाइट टिकट्स बेच सकती हैं। यात्रियों को इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि वे एक ही एयरलाइन के टिकट नंबर पर कई शहरों तक सफर कर सकते हैं, भले ही उड़ान किसी दूसरी एयरलाइन की हो। इससे यात्रा करना आसान, सुविधाजनक और समय की बचत वाला हो जाता है।
IndiGo के साथ कोडशेयर समझौते से Turkish Airlines को क्या फायदा है?
भले ही यह समझौता दोनों एयरलाइंस के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, Turkish Airlines को इससे सबसे ज़्यादा फायदा हो रहा है। इसकी वजह यह है कि IndiGo भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन है और उसके नेटवर्क के जरिए Turkish Airlines को भारत के छोटे-बड़े शहरों से यात्रियों को जोड़ने में मदद मिलती है। इससे Turkish Airlines की इंटरनेशनल उड़ानों की बुकिंग और पैसेंजर्स में बढ़ोतरी होती है, जबकि उसे भारत के अंदर अलग से ऑपरेशन बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती।
IndiGo और Turkish Airlines के बीच हुआ कोडशेयर समझौता यूरोप और अमेरिका के 30 से ज्यादा शहरों को जोड़ता है। इस एग्रीमेंट के तहत यात्री एक ही टिकट और यात्री नंबर के साथ न सिर्फ इस्तांबुल, बल्कि यूरोप के कई अन्य शहरों तक भी आसानी से यात्रा कर सकते हैं।
तुर्की का पाकिस्तान को समर्थन
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन कई बार कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन कर चुके हैं। पिछले हफ्ते जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ तुर्की गए थे, तब उन्होंने एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया। इससे पहले फरवरी 2025 में जब राष्ट्रपति एर्दोगन पाकिस्तान की दो दिन की यात्रा पर थे, तब भी उन्होंने पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए कहा था, "कश्मीर मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार, बातचीत से और कश्मीर के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।" यह बयान एक बार फिर तुर्की और पाकिस्तान के घनिष्ठ संबंधों और तुर्की की कश्मीर पर पाकिस्तान समर्थक नीति को दर्शाता है।
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