Azerbaijan Tourism Boycott News: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' से तगड़ा जवाब दिया। इस दौरान तुर्की और अजरबैजान ने पाकिस्तान का समर्थन किया, जिससे भारत के लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर कई भारतीय अब तुर्की और अजरबैजान के प्रोडक्ट्स और टूरिज्म का बहिष्कार करने की बात कही है।

दो-तिहाई बुकिंग्स कैंसिल
लोगों का कहना है कि जो देश आतंक के खिलाफ हमारी लड़ाई में साथ नहीं हैं, उन्हें हमारे ट्रेड या पर्यटन से फायदा नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश से तुर्की और अजरबैजान जाने वाली 15,000 से ज्यादा बुकिंग्स रद्द कर दी गई हैं। हालिया घटनाओं के बाद लोगों ने इन देशों की यात्रा करने का फैसला बदल दिया है। ट्रैवल एजेंसियां और एयरलाइंस अब ग्राहकों को पूरा रिफंड दे रही हैं, ताकि उन्हें कोई नुकसान न हो। कई लोग इस फैसले को देश के प्रति समर्थन और विरोध जताने का तरीका मान रहे हैं।
टूरिस्ट गाइड फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेशनल कन्वीनर और वाराणसी टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन के चेयरपर्सन डॉ. अजय सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान देश में एकता देखने को मिली। उन्होंने बताया कि हर धर्म, क्षेत्र और वर्ग के लोग एक साथ खड़े नजर आए और देशभक्ति की भावना चारों ओर दिखी। उनके मुताबिक, यह समय पूरे देश के एकजुट होने का बेहतरीन उदाहरण रहा।
हालांकि, इस समय में तुर्की और अजरबैजान का पाकिस्तान का समर्थन करना भारतीय जनता को पसंद नहीं आया है। इससे नाराज़ होकर कई लोगों ने इन देशों की यात्रा कैसिंल कर दी है। सोशल मीडिया पर भी इन दोनों देशों के खिलाफ गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है, और लोग इनके टूरिज्म और प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं। डॉ. अजय सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले का सबसे ज्यादा असर तुर्की और अजरबैजान जाने वाले आउटबाउंड टूरिज्म पर पड़ा है। अब तक करीब दो-तिहाई बुकिंग्स रद्द की जा चुकी हैं।
पूर्वांचल क्षेत्रों की बात करें तो वाराणसी, आजमगढ़, मऊ जैसे शहर शामिल हैं। ऐसे में लगभग 15,000 यात्राएं रद्द होने की खबर सामने आई है। टॉप ट्रैवल एजेंसियां और एयरलाइंस भी इस बहिष्कार को समर्थन दे रही हैं और कैंसिल की गई बुकिंग्स पर पूरा रिफंड दे रही हैं।
15,000 यात्राएं कैंसिल
इंडियन एयरलाइंस ने पुष्टि की है कि तुर्की और अजरबैजान की यात्रा रद्द करने वालों को 100% रिफंड दिया जाएगा। यह फैसला देश की भावनाओं के साथ खड़े होने के इरादे से लिया गया है।
डॉ. अजय सिंह, टूरिस्ट गाइड फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक और वाराणसी टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष ने बताया कि पूर्वांचल क्षेत्र (वाराणसी, आजमगढ़, मऊ जैसे शहरों) से लगभग 15,000 यात्राएं रद्द की गई हैं। उन्होंने कहा, "इस बार देशभक्ति सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही, लोगों ने अपने फैसलों से इसे साबित किया है।"
MakeMyTrip और EaseMyTrip की अपील
MakeMyTrip ने भी अपील की है कि लोग इन दोनों देशों की जो यात्राएं करना जरूरी नहीं है वह करने से बचे। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया, "पिछले एक हफ्ते में तुर्की और अजरबैजान की बुकिंग्स में 60% की गिरावट और कैंसिलेशन में 250% की बढ़ोतरी देखी गई है।" EaseMyTrip के फाउंडर और चेयरमैन निशांत पिट्टी ने भी देशवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा,"ट्रैवल एक ताकतवर माध्यम है। आइए इसका इस्तेमाल उन देशों को मज़बूत करने में न करें जो हमारे साथ नहीं खड़े होते।"
उन्होंने बताया कि पिछले साल करीब 2.87 लाख भारतीयों ने तुर्की और 2.43 लाख ने अजरबैजान की यात्रा की थी। इन देशों की अर्थव्यवस्था में टूरिज्म का बड़ा योगदान है। तुर्की की जीडीपी 12% और अज़रबैजान की जीडीपी का 7.6% में योगदान रहा है। दोनों ही देशों में 10% रोजगार पर्यटन से जुड़े हैं। निशांत पिट्टी ने कहा, "जब ये देश खुलेआम पाकिस्तान का समर्थन करते हैं, तो क्या हमें उनके पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए? हर रुपया जो हम विदेश में खर्च करते हैं, एक वोट की तरह होता है। चलिए उसे वहीं खर्च करें, जहां हमारे मूल्यों का सम्मान हो। जय हिंद।"


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