वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिका की सख्त टैरिफ नीति के बावजूद भारत के निर्यात ने नवंबर महीने में शानदार प्रदर्शन किया है। सरकार की ओर से जारी ताजा व्यापार आंकड़े बताते हैं कि भारत ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत की है। नवंबर में भारत का कुल निर्यात 38 अरब डॉलर से ज्यादा रहा, जो हाल के वर्षों में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

गिरावट के बाद तेज उछाल
अक्टूबर महीने में निर्यात कमजोर रहने के बाद यह उछाल काफी अहम माना जा रहा है। अक्टूबर में जहां भारतीय निर्यात दबाव में था, वहीं नवंबर में इसमें करीब 19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि विदेशी बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग दोबारा रफ्तार पकड़ रही है।
अमेरिका की खरीद बनी मजबूत आधार
अमेरिका ने नवंबर में भी भारत से बड़ी मात्रा में सामान खरीदा। इस दौरान अमेरिका को भारत का निर्यात करीब 7 अरब डॉलर रहा। खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका की ओर से भारतीय सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया गया है। इसके बावजूद अमेरिकी बाजार में भारत के इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक और पेट्रोलियम से जुड़े उत्पादों की मांग बनी रही।
चीन का झुकाव भारत की ओर बढ़ा
नवंबर में चीन की तरफ से भी भारत से खरीदारी में तेज इजाफा देखा गया। चीन ने इस महीने भारत से 2 अरब डॉलर से अधिक का सामान मंगाया। इस बढ़ोतरी के साथ चीन, भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह बदलाव भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
ये देश बने भारत के बड़े ग्राहक
नवंबर के आंकड़ों के अनुसार, निर्यात के मामले में अमेरिका पहले स्थान पर रहा। इसके बाद यूएई और फिर चीन का नंबर आया। इन देशों में भारत के इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और ईंधन से जुड़े उत्पादों की खास मांग देखने को मिली।
आयात में कमी से मिली राहत
जहां एक ओर निर्यात बढ़ा, वहीं दूसरी ओर आयात में हल्की गिरावट दर्ज की गई। नवंबर में भारत का कुल आयात करीब 62 अरब डॉलर रहा। आयात कम होने से व्यापार घाटा भी घटकर करीब 24.6 अरब डॉलर पर आ गया, जो बीते कुछ महीनों में सबसे निचला स्तर है।
सोने की खरीद घटी
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों का सीजन खत्म होने के बाद मांग में कमी आई है। इसका असर सोने के आयात पर भी पड़ा है। नवंबर में भारत ने सोने की खरीद में भारी कटौती की जिससे आयात बिल पर दबाव कम हुआ।
आर्थिक संकेत अच्छे
नवंबर के व्यापार आंकड़े यह दिखाते हैं कि भारत वैश्विक चुनौतियों के बीच भी अपने निर्यात को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। यह प्रदर्शन आने वाले महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भरोसा बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
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