Apple के लिए भारत अब सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र नहीं, बल्कि एक मजबूत एक्सपोर्ट बेस भी बन गया है। मार्च महीने में, Apple के दो बड़े भारतीय सप्लायर्स Foxconn और Tata Electronics ने अमेरिका को लगभग 2 अरब डॉलर के iPhones भेजे। यह अब तक का सबसे बड़ा एक महीने का निर्यात माना जा रहा है।

तेजी से हुई शिपमेंट, एयर कार्गो से भेजे गए हजारों iPhones
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार Apple ने अपने स्मार्टफोन्स को अमेरिका भेजने के लिए चार्टर्ड कार्गो विमानों का सहारा लिया। इस दौरान करीब 600 टन वजनी डिवाइसेस को चेन्नई से उड़ान भरवा कर अमेरिका पहुंचाया गया। इसकी वजह थी अमेरिका में प्रस्तावित नया आयात शुल्क, जिससे iPhone की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती थी।
Foxconn का नया रिकॉर्ड
Foxconn, जो तमिलनाडु में Apple के लिए फोन बनाती है, उसने मार्च में अकेले 1.31 अरब डॉलर के iPhones अमेरिका भेजे। ये आंकड़े जनवरी और फरवरी के कुल एक्सपोर्ट के बराबर हैं। इस शिपमेंट में iPhone 13, 14, 16 और 16e मॉडल शामिल थे। कंपनी का 2025 में अब तक का कुल निर्यात 5.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
Tata ने भी निभाई अहम भूमिका
Tata Electronics ने भी शानदार प्रदर्शन किया। मार्च में Tata ने 612 मिलियन डॉलर के iPhones अमेरिका भेजे, जो पिछले महीने की तुलना में करीब 63% ज्यादा है। Tata द्वारा भेजे गए फोन मॉडल में खासतौर पर iPhone 15 और iPhone 16 शामिल थे।
चेन्नई से हुई सीधी उड़ानें
इन सभी शिपमेंट्स को चेन्नई एयर कार्गो टर्मिनल से भेजा गया। iPhones को लॉस एंजेलेस, न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे प्रमुख अमेरिकी शहरों में उतारा गया, जहां Apple की डिवाइसेस की डिमांड सबसे ज्यादा होती है।
कस्टम क्लियरेंस में तेजी लाई गई
Apple ने भारत में एयरपोर्ट अधिकारियों से कस्टम प्रक्रिया को तेज करने की अपील की थी। इसके बाद चेन्नई एयरपोर्ट पर कस्टम क्लियरेंस का समय 30 घंटे से घटाकर सिर्फ 6 घंटे कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में 6 कार्गो जेट्स का इस्तेमाल किया गया।
टैरिफ से बचने की रणनीति
मार्च में यह शिपमेंट इसलिए भी खास था क्योंकि अमेरिका में ट्रंप प्रशासन नए टैरिफ लागू करने की योजना बना रहा था। भारत से आयात पर 26% टैक्स तय किया गया, जो चीन पर पहले से लागू 100% शुल्क से काफी कम था। लेकिन Apple को डर था कि अगर टैरिफ पूरी तरह लागू हो गए तो अमेरिका में iPhone की कीमतें काफी बढ़ जाएंगी।
आगे क्या?
इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि भारत अब Apple के लिए सिर्फ एक उत्पादन केंद्र नहीं बल्कि एक ग्लोबल लॉजिस्टिक्स पॉइंट भी बनता जा रहा है। आने वाले समय में Apple की ओर से भारत से और भी ज्यादा स्मार्टफोन का एक्सपोर्ट देखने को मिल सकता है।
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