
Home Loan EMI : हो सकता है कि आप कोविड-19 के निगेटिव असल से बाहर निकलने वाली अर्थव्यवस्था के बारे में शिकायत न करें। हालांकि, यदि आपने होम लोन ले रखा है तो आप उधार दरों में तेज वृद्धि के प्रभाव के बारे में चिंतित हो सकते हैं। एक वापसी करती अर्थव्यवस्था ने कई सैलेरी वाले लोगों के लिए अच्छा काम किया है क्योंकि वित्त वर्ष 2022-23 में उनकी सैलेरी में अच्छी वृद्धि हुई है। हालांकि कई होम लोन लेना वाले के लिए नेट सैलेरी में 10 फीसदी की अच्छी वृद्धि भी बहुत काम की नहीं होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि बढ़ी हुई ब्याज दरों के लिहाज से होम लोन की ईएमआई पर नजर डालें तो उसमें काफी अधिक इजाफा हुआ है।
नये-पुराने सभी ग्राहकों पर असर
चाहे कोई मौजूदा लोन लेना वाला हो या नया, शायद ही कोई होम लोन उधारकर्ता हो जिस पर बढ़ती दरों का असर न पड़ा हो। मई 2022 से आरबीआई की तरफ से रेपो रेट में 2.25 फीसदी की वृद्धि की गयी है। ऐसे में कोई भी उधारकर्ता अछूता नहीं रहा है। हालाँकि, आरबीआई की तरफ से दरें मई से बढ़ायी गयी हैं। ऐसे में अधिक होम लोन ईएमआई का असर खासकर आप पर तब पड़ता जब आपने हाल ही में होम लोन लिया हो।
एडजस्ट करना भी मुश्किल
मई का बाद लोन लेने वालों पर अधिक असर इसलिए पड़ेगा, क्योंकि नए कर्जदार अक्सर अपने सपनों का घर खरीदने के लिए अपना बजट बढ़ा देते हैं और अक्सर किसी भी रीपेमेंट अवधि के लिए अधिकतम संभव होम लोन ले लेते हैं। अब अधिक ईएमआई का भुगतान करना है तो उसे एडजस्ट करना होगा, जिसके लिए मुश्किल से ही कोई जगह बची है।
क्या आ सकती है दिक्कत
बैंक आम तौर पर कुल मासिक ईएमआई को आपकी नेट टेक होम सैलरी के 50 फीसदी से कम रखते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति की शुद्ध सैलेरी 62,000 रुपये है और उसका कोई अन्य लोन नहीं चल रहा है और उसने मार्च 2022 में 40 लाख रुपये का होम लोन लिया है। यह लोन 7 फीसदी की ब्याज दर और 20 वर्षों की अवधि के लिए लिया गया होगा। उसकी शुरुआती ईएमआई 31,012 रुपये होगी जो शुद्ध सैलेरी के 50 फीसदी की अधिकतम सीमा के आसपास है। हालांकि, रेपो रेट में 2.25 फीसदी की बढ़ोतरी के प्रभाव को देखते हुए, जनवरी 2023 में बैंक की नई ब्याज दर 9.25 फीसदी होगी, जिससे ईएमआई 36,485 रुपये हो जाएगी। अगर उनका वेतन स्थिर रहता, तो बढ़ी हुई ईएमआई के लिहाज से उधारकर्ता को अपने वेतन का लगभग 59 फीसदी भुगतान करना होगा।
कैसे कम करें ईएमआई
यदि नए उधारकर्ताओं को अपनी ईएमआई चुकाने में कोई कठिनाई हो रही है, तो वे कई तरीकों से ईएमआई को घटा सकते हैं। लोन की अवधि बढ़ाना एक कॉमन तरीका है। वहीं दूसरे तरीके में आप ब्याज दर की तुलना कर सकते हैं और यदि किसी अन्य बैंक में कम हो तो आप लोन ट्रांसफर करा सकते हैं। यदि आपका मौजूदा बैंक अवधि बढ़ाने की अनुमति नहीं दे रहा है तो आप किसी अन्य बैंक की तलाश कर सकते हैं जो आपको लंबी अवधि चुनने और ईएमआई राशि को कम करने की अनुमति देता है।
More From GoodReturns

Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!



Click it and Unblock the Notifications