नई दिल्ली, अगस्त 24। आपने बीते डेढ़-दो सालों में ऐसी कई खबरें पढ़ी होंगी जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कई को-ऑपरेटिव बैंकों पर तरह-तरह के प्रतिबंद लगाए हैं। इन प्रतिबंधों में उन बैंकों के ग्राहकों के पैसे फ्रीज कर देना शामिल है। ग्राहक अपने ही पैसे बैंकों में से नहीं निकाल पाते। या एक बहुत छोटी रकम तय की जाती है, जिससे ऊपर पैसा निकालने पर पाबंदी होती है। आरबीआई बैंकों की बिगड़ती हालत को देखते हुए इस तरह के प्रतिबंध लगाता है। मगर अब 17 ऐसे बैंक हैं, जिनमें जिन लोगों के पैसे फंसे हुए हैं, उन्हें उनका पैसा वापस दिया जाएगा।
महाराष्ट्र के 8 बैंक
कई बैंकों के ग्राहकों पर जुलाई में पैसे निकालने पर पाबंदी लगा दी गयी थी। मगर अब इन बैंकों के ग्राहकों को पैसा वापस लौटा दिया जाएगा। इस बात का ऐलान डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (डीआईसीजीसी) ने किया है। ये पैसा अक्टूबर में लौटाया जाएगा। बता दें कि महाराष्ट्र के 8 बैंकों और बाकी देश के 9 (कुल 17 बैंकों) को-ऑपरेटिव बैंकों के पात्र जमाकर्ताओं को उनकी रकम अक्टूबर में लौटा दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश के भी कई बैंक
महाराष्ट्र के 8 बैंकों के अलावा डीआईसीजीसी की लिस्ट अनुसार उत्तर प्रदेश कई बैंक इस लिस्ट में हैं। इनमें लखनऊ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (सीतापुर), नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (बहराइच) और यूनाइटेड इंडिया कंपनी को-ऑपरेटिव बैंक (नगीना) शामिल हैं। इन बैंकों के पात्र जमाकर्ताओं को अक्टूबर में पैसा दिया जाएगा।
कर्नाटक के बैंक
कर्नाटक के कर्नाटक श्री मल्लिकार्जुन पट्टाना को-ऑपरेटिव बैंक नियमिता (मस्की) और श्री शारदा महिला को-ऑपरेटिव (तुमकुर) बैंक भी इस लिस्ट में शामिल हैं। इन दोनों बैंकों के ग्राहकों को पैसा दिया जाएगा।
दिल्ली, आंध्र और पश्चिम बंगाल के बैंक
लिस्ट में दिल्ली, आंध्र और पश्चिम बंगाल का 1-1 बैंक शामिल है। नई दिल्ली का रामगढ़िया को-ऑपरेटिव बैंक, पश्चिम बंगाल के बीरभूम के सूरी का सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा का दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक इस लिस्ट में है। इन तीनों बैंकों के पात्र जमाकर्ताओं को अक्टूबर में डीआईसीजीसी पैसा लौटाएगी।
क्या है पैसे लौटाने का नियम
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीआईसीजीसी की इंश्योरेंस स्कीम के तहत किसी भी बैंक जमा एक लिमिटेड राशि का बीमा होता है। ये लिमिट 5 लाख रुपये तक की होती है। इतनी राशि तक आपका हर बैंक में सेफ है। यदि बैंक दिवालिया हो जाए या उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए तो उस स्थिति में ग्राहकों को अपनी 5 लाख रु तक की राशि मिल जाएगी। इतना पैसा नहीं डूबेगा।
ये हैं बाकी 8 बैंक
जिन 17 को-ऑपरेटिव बैंकों के ग्राहकों को पैसा वापस लौटा दिया जाएगा, उनमें 8 महाराष्ट्र के, 4 उत्तर प्रदेश के, 2 कर्नाटक के और 1-1 नई दिल्ली, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के हैं। महाराष्ट्र के जो को-ऑपरेटिव बैंक लिस्ट में हैं, उनमें साहेबराव देशमुख को-ऑपरेटिव बैंक, सांगली को-ऑपरेटिव बैंक, रायगढ़ को-ऑपरेटिव बैंक, नासिक जिला गिरना को-ऑपरेटिव बैंक, साईबाबा जनता को-ऑपरेटिव बैंक, अंजनगांव सुरजी नगरी को-ऑपरेटिव बैंक, जयप्रकाश नारायण नगरी को-ऑपरेटिव बैंक और करमाला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक शामिल हैं।


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