Transportation & Logistics Fund : परिवहन और रसद (ट्रांसपॉर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स) को किसी भी अर्थव्यवस्था का विकास इंजन माना जाता है। इन सेक्टरों की डेवलपमेंट कैपेसिटी को देखते हुए, अगर सही समय पर निवेश किया जाए तो निवेशक काफी लाभ कमा सकते हैं। इस थीम के बारे में दिलचस्प पहलू यह है कि इसमें कई सब-सेक्टर शामिल हैं। इसलिए, निवेश का फैसला लेने से पहले इनमें से हर सेगमेंट के पॉजिटिव और जोखिम फैक्टरों को समझना जरूरी है।

क्या-क्या होता है
ट्रांसपॉर्टेशन में ऑटो निर्माता शामिल हैं, फिर चाहे वह दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टर, यात्री वाहन या कमर्शियल वाहन हों। इसमें उनके सभी कंपोनेंट सप्लायर भी शामिल हैं जिन्हें लोकप्रिय बोलचाल में ऑटो एंसिलरीज के तौर पर जाना जाता है।
कार में हजारों में पुर्जे
देखने में एक कार एक कॉम्पैक्ट प्रोडक्ट की तरह दिखती है। लेकिन हकीकत यह है कि अगर कोई हर हिस्से को सबसे छोटे स्क्रू, नट और बोल्ट से गिनना शुरू करे एक कार में लगभग 30,000 पुर्जे होते हैं। इनमें से कुछ पुर्जे स्वयं कार निर्माता द्वारा बनाए जाते हैं, लेकिन कई अन्य ऐसे भी होते हैं जिनके लिए ऑटो इंडस्ट्री उन सप्लायर्स पर निर्भर करती है जो इनमें से कई पुर्जे बनाते हैं। इनमें से हर पुर्जे को बनाने में कच्चे माल और विभिन्न मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस का उपयोग होता है।

लॉजिस्टिक्स के तहत क्या आता है
यह एक ऐसा सेक्टर है जो वर्तमान में सरकार द्वारा हाल ही में घोषित नई रसद नीति (एनएलपी) के टचलते सुर्खियों में है। इसमें वे सभी इंडस्ट्रीज शामिल हैं जो एक निर्माता से उसके लास्ट कंज्यूमर तक माल ले जाने के लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए पूरी सप्लाई चेन, रेल, शिपिंग कंपनियां, डिलीवरी और कूरियर कंपनियां लॉजिस्टिक्स सेक्टर का हिस्सा हैं।
क्या हैं निवेश के मौके
एक रिटेल निवेशक के लिए, परिवहन और रसद सेगमेंट में उपलब्ध सभी कंपनियों पर रिसर्च करना और फिर निवेश के फैसले पर पहुंचना एक चुनौतीपूर्ण काम है। यहीं पर इस थीम पर आधारित म्यूचुअल फंड काम आ सकते हैं। हाल ही में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और आईडीएफसी म्यूचुअल फंड ने इस थीम पर आधारित फंड लॉन्च किए हैं। यूटीआई के पास भी एक फंड है। अगर नए फंड ऑफर का इतिहास देखा जाए तो आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के पास समय से पहले साइकिलों की पहचान करने का एक बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड है। यह पिछले वर्षों में उनके द्वारा पेश की गयी विभिन्न योजनाओं के समय पर लॉन्च में दिखाई देता है।

जोखिम और टैक्स
यह थीमैटिक फंड हैं, इसलिए इससे जुड़े जोखिम अधिक होते हैं। निवेश के दौरान ऐसे समय आ सकते हैं जब इनमें आपको काफी ज्यादा या कम रिटर्न मिले। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि केवल उच्च जोखिम क्षमता वाले निवेशकों को ही इनमें निवेश करना चाहर वो भी कम से कम पांच साल या उससे अधिक के लिए। यह एक इक्विटी कैटेगरी वाले फंड हैं, तो 12 महीने या उससे अधिक की होल्डिंग अवधि के बाद हासिल किए गए किसी भी लाभ को लंबी अवधि के कैपिटल गैन के तौर पर माना जाता है और 1 लाख रुपये के शुरुआती टैक्स फ्री बेनेफिट के बाद 10% की फ्लैट दर से टैक्स लगाया जाता है। 12 महीने से कम समय के लिए किए गए निवेश पर प्राप्त लाभ को शॉर्ट टर्म कैपिटल गैन के तौर पर माना जाता है और इस पर 15% की समान दर से टैक्स लगाया जाता है।
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