नई दिल्ली, अक्टूबर 05। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर रुपे क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल के लिए 2,000 रुपये तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगाने का ऐलान किया है। ये ऐलान आरबीआई के निर्देश के अनुसार किया गया है। इसके लिए 4 अक्टूबर को सर्कुलर जारी में किया गया। छोटे व्यापारियों से यूपीआई के माध्यम से रुपे क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके किए गए 2,000 रुपये या उससे कम के लेनदेन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर), इंटरचेंज या अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा। एमडीआर वह शुल्क होता है जो व्यापारियों से भुगतान स्वीकार करते समय लिया जाता है। क्रेडिट कार्ड से लेनदेन पर 1-2 प्रतिशत तक उच्चतम एमडीआर लिया जाता है।
4 साल से चल रहे रुपे क्रेडिट
रुपे क्रेडिट कार्ड पिछले चार वर्षों से चालू है और सभी प्रमुख बैंक ये कार्ड दे रहे हैं। बैंक कमर्शियल और रिटेल दोनों क्षेत्रों के लिए इंक्रीमेंटल कार्ड जारी कर रहे हैं। बता दें कि एनपीसीआई ने सर्कुलर में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए, ऐप से मौजूदा प्रोसेस क्रेडिट कार्ड पर भी लागू होगी। इस कैटेगरी के लिए निल मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) 2,000 रुपये से कम और इसके बराबर लेनदेन राशि तक लागू होगा।
क्या होता है एमडीआर
एमडीआर किसी मर्चेंट द्वारा एक बैंक को अपने ग्राहकों से क्रेडिट या डेबिट कार्ड (जब भी उनके स्टोर में भुगतान के लिए कार्ड का उपयोग किया जाता है) के जरिए भुगतान स्वीकार करने के लिए भुगतान की जाने वाली कॉस्ट है। मर्चेंट डिस्काउंट रेट लेनदेन राशि के प्रतिशत में दर्शाया जाता है। बता दें कि यह नियम सर्कुलर जारी होने की तारीख से लागू है। संबंधित स्टेकहोल्डर्स से अनुरोध किया गया है कि इस सर्कुलर के कंटेंट को संबंधित हितधारकों के ध्यान में लाएं।
क्या है उद्देश्य
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने कहा था कि क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से लिंक करने का उद्देश्य ग्राहक को भुगतान के अधिक ऑप्शन प्रदान करना है। इस समय यूपीआई डेबिट कार्ड के माध्यम से बचत खातों या चालू खातों से लिंक हुई है। सर्कुलर के अनुसार, यूपीआई ऐप ग्राहक द्वारा क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके किए गए लेनदेन पर फुल ट्रांसपेरेंसी सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए भुगतान करते समय लेनदेन हिस्ट्री और स्पष्ट दिखने वाला यूजर इंटरफेस होगा।
ये होगा फायदा
यह कदम घरेलू पेमेंट गेटवे को बढ़ावा देगा। इससे रुपे कार्ड की स्वीकृति और बढ़ेगी। सर्कुलर में आगे कहा गया है कि ऐड-ऑन कार्ड से जुड़ा एक अलग मोबाइल नंबर बनाए रखने की जरूरत होगी।
यूपीआई से लेन-देन
वैश्विक डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन वर्ल्डलाइन इंडिया द्वारा 2022 की दूसरी तिमाही के लिए 'इंडिया डिजिटल पेमेंट्स रिपोर्ट' के अनुसार, यूपीआई भारत का सबसे पसंदीदा ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म बना हुआ है। इससे अप्रैल-जून 2022 में वॉल्यूम में 17.4 अरब से अधिक और मूल्य के मामले में 30.4 लाख करोड़ रु का लेनदेन किया गया है। दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में वॉल्यूम में 20.57 अरब लेन-देन और प्राइस के संदर्भ में 36.08 लाख करोड़ रु हुए। ये लेन-देन डेबिट और क्रेडिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट और प्रीपेड कार्ड जैसे प्रीपेड भुगतान इंस्ट्रूमेंट्स और यूपीआई जिसमें पी2एम (व्यक्ति से व्यापारी) और पी2पी (व्यक्ति से व्यक्ति) के तौर पर हुए हैं।
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