TRAI New Guidelines: यूजर्स को अक्सर नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन अब इसका हल निकालने के लिए ट्राई ने नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इन गाइडलाइन्स में दूरसंचार नियामक ट्राई ने नई सर्विस क्वालिटी स्टैंडर्ड को जारी किया है। आइए आपको बताते हैं कि इन गाइडलाइन्स के तहत यूजर्स को किस तरह से फायदा मिलेगा।

सर्विस क्वालिटी स्टैंडर्ड को फॉलो करना है जरूरी
ट्राई ने नए नियमों के अनुसार, सर्विस क्वालिटी स्टैंडर्ड को पूरा करने में अगर कोई कंपनी पीछे रह जाती है तो उसे दंडात्मक राशि देनी होती है। अब इस दंडात्मक राशि को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा ट्राई ने सभी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर को निर्देश दिए हैं कि वह अपनी वेबसाइट पर 2G/3G/4G/5Gके प्लान और एरिया की जानकारी सही तरह से देनी होगी, ताकि उपभोक्ता को अपना नेटवर्क और नेटवर्क एरिया आसानी से सेलेक्ट कर पाए।
अगर 24 घंटों में नेटवर्क की परेशानी खत्म नहीं होगी तो यूजर्स को मिलेगा मुआवजा
Trai ने इस बात की भी जानकारी दी है कि अगर कोई नेटवर्क प्रॉब्लम 24 घंटे से अधिक समय तक जारी रहती है तो ऐसे में उस कंपनी को अगले बिल में उस एरिया के यूजर्स को छूट देनी पड़ेगी। रेगुलेटर बिल में छूट या वैलिडिटी की जानकारी के लिए उस दिन के 12 घंटे से अधिक की नेटवर्क प्रॉब्लम समय को एक पूर्ण दिन के रूप में कैलकुलेट करेगा।
प्राकृतिक आपदा पर भी नहीं मिलेगी यूजर्ज को छूट
प्राकृतिक आपदा के कारण टेलीकम्युनिकेशन सर्विस में दिक्कत होने की स्थिति में यह राहत यूजर्स को नहीं दी जाएगी।
ट्राई के नए नियमों के मुताबिक, किसी जिले में नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में टेलीकॉम ऑपरेटर को पोस्टपेड ग्राहकों के लिए किराए में छूट देनी होगी जबकि प्रीपेड ग्राहकों के लिए कनेक्शन की वैधता बढ़ानी होगी।
कंपनियों को अब हर महीने करनी होगी सर्विस की होगी जांच
ट्राई के अनुसार, मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा कंपनियों को पहले सर्विस की जांच हर तीन महीने में करनी होती थी लेकिन अब हर महीने सर्विस की जांच करनी होगा। ट्राई ने ये भी बताया है कि इन नियम को लागू करने से पहले, कंपनियों को तैयारी के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार जांच करेगी कि नेटवर्क कितना अच्छा चल रहा है, नेट यूज करने में कोई दिक्कत हो रही है या नहीं, कॉल कितनी बार कट रही है, और आवाज की क्वालिटी कैसी है। ये जांच हर जगह की जाएगी, इससे ये भी पता चलेगा कि कौन सी कंपनी सबसे अच्छी सर्विसेस अपने ग्राहकों को दे रही है।
यूजर्स को इस तरह करनी होगी कंप्लेंट
किसी भी सेवा में कोई बदलाव या परेशानी के बारे में ग्राहक को SMS या अन्य मध्यम से पहले जानकारी देनी होगी। 1 अक्टूबर, 2024 से ये सभी गाइडलाइंस को लागू किया जाएगा।
नियामक ने संशोधित नियमों वायरलाइन और वायरलेस और ब्रॉडबैंड में भी वायरलाइन और वायरलेस सर्विस क्वालिटी स्ट्रैंडर्ड रेगुलेशन, 2024 के तहत इन नियमों के उल्लंघन के लिए 1 लाख रुपये, 2 लाख रुपये, 5 लाख रुपये और 10 लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि सर्विस क्वालिटी स्ट्रैंडर्ड रेगुलेशन, 2024 में किस नियम का उल्लंघन हुआ है।


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