China opposes Trump stand by India: चीन ने भारतीय वस्तुओं पर 50% तक टैरिफ लगाने के वाशिंगटन के फैसले की तीखी आलोचना की है। साथ ही कहा कि आर्थिक धौंस जमाने वाले के सामने चुप रहने से अमेरिका का हौसला और बढ़ेगा। बीजिंग ने नई दिल्ली के साथ मजबूती से खड़े रहने का भी वादा किया है और दोनों पड़ोसियों को एशिया के आर्थिक और राजनीतिक भविष्य को आकार देने में साझेदार बताया है।

चीन भारत पर अमेरिकी टैरिफ का विरोध क्यों कर रहा है?
भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि अमेरिका लंबे समय से फ्री ट्रेड से फायदे उठाते रहा है, लेकिन अब टैरिफ को सौदेबाजी का हथियार मान रहा है। शू ने नई दिल्ली में घोषणा की कि अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगाया है और उससे भी ज्यादा टैरिफ लगाने की धमकी दी है। चीन इसका कड़ा विरोध करता है। चुप्पी से धौंस जमाने वालों का हौसला बढ़ता है। चीन भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
चीनी राजदूत ने आगे कहा कि भारत और चीन के बीच सहयोग न केवल उनके विकास के लिए, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है। इतने बड़े आकार के दो पड़ोसी देशों के लिए, एकता और मदद से ही साझा विकास प्राप्त करने का एकमात्र तरीका है। हम एशिया में आर्थिक विकास के दोहरे इंजन हैं। भारत और चीन की एकता से पूरे विश्व को फायदा होता है।
बीजिंग भारत से क्या उम्मीद कर रहा है?
चीनी दूत ने भारत और चीन के बीच आपसी विश्वास बनाने और गलतफहमी से बचने के महत्व पर जोर दिया है। शू ने कहा कि दोनों देश साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं। हमें बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हम सभी भारतीय वस्तुओं के चीनी बाजार में प्रवेश का स्वागत करते हैं।
PM Modi कब जाएंगे चीन?
भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि SEO शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तियानजिन की आगामी यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाएंगे और शंघाई सहयोग संगठन के लिए यह एक महत्वपूर्ण है।
शू ने हाल ही में चीनी विदेश मंत्री वांग यी की नई दिल्ली यात्रा का जिक्र किया, जिसके दौरान वांग ने 31 अगस्त से शुरू हो रहे दो दिवसीय SEO शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति शी जिनपिंग का मैसेज और निमंत्रण सौंपा था।


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