भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आज शनिवार को एतिहासिक आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते से भारत को आर्थिक लाभ मिलेगा।
नई दिल्ली, अप्रैल 2। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आज शनिवार को एतिहासिक आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते से भारत को आर्थिक लाभ मिलेगा। कई सारे प्रोडक्ट्स को ऑस्ट्रेलिया अपने बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेस देगा। करीब 10 साल बाद भारत ने किसी विकसित देश के साथ इस प्रकार का व्यापार समझौता किया है।

इसके तहत ऑस्ट्रेलिया टेक्सटाइल, चमड़ा, आभूषण और खेल उत्पादों समेत 95 फीसदी से अधिक भारतीय वस्तुओं के लिए अपने बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेस देगा। इसमें ऐसे कई प्रॉडक्ट्स शामिल हैं, जिन पर अभी ऑस्ट्रेलिया में चार से पांच प्रतिशत का सीमा शुल्क लगता है। दस साल की मेहनत के बाद दोनों देशों के बीच यह समझौता हुआ है। इसके बाद अब दोनों देशों को सप्लाई चेन के लिए चीन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
10 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अगले 4-5 वर्षों में भारत में 10 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद करते हैं। आने वाले समय में भारतीय शेफ और योग इंस्ट्रक्टरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा संस्थानों के सहयोग पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि लोगों को उम्मीद नहीं थी कि विकसित देशों के साथ भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर पाएगा। ये एक ऐसा देश है जहां के लोगों के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं, हम दोनों एक-दूसरे की मदद करते हैं
दोनों देशों के प्रधानमंत्री भी थे मौजूद
पीयूष गोयल और ऑस्ट्रेलिया के व्यापार, पर्यटन और निवेश मंत्री डैन टेहन ने एक ऑनलाइन समारोह में भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते पर दस्तखत किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन भी मौजूद थे। इस मौके पर मोदी ने कहा कि यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों के लिए वास्तव में एक अहम पल है। मॉरिसन ने कहा कि यह समझौता भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के करीबी संबंधों को और भी गहरा बना देगा।
वर्तमान में चार से पांच प्रतिशत का सीमा शुल्क
वहीं गोयल ने यह भी कहा कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर अगले पांच वर्षों में 45 से 50 अरब डॉलर तक पहुंचने में मददगार होगा। ऑस्ट्रेलिया इस समझौते के तहत पहले दिन से निर्यात के लगभग 96.4 प्रतिशत मूल्य पर भारत को ड्यूटी फ्री एक्सेस की पेशकश कर रहा है। इसमें ऐसे कई उत्पाद शामिल हैं, जिन पर वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में चार से पांच प्रतिशत का सीमा शुल्क लगता है।
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